शामली में जल जीवन मिशन का बड़ा घोटाला: 254 करोड़ रुपये का भुगतान, कंपनियां लापता
जल जीवन मिशन योजना में अनियमितता
शामली: उत्तर प्रदेश के शामली जिले में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत जेएमसी लक्ष्मी और गायत्री नामक दो कंपनियों को कार्य सौंपा गया था। इस परियोजना के लिए 254 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई थी, लेकिन अब ये कंपनियां लापता हो गई हैं। जानकारी के अनुसार, 230 गांवों में पानी की टंकियों का निर्माण करने के लिए दी गई राशि के बावजूद, केवल 56 गांवों में ही काम पूरा हुआ है, जबकि 174 गांवों में निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इस स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने मामले की जांच का आदेश दिया है।
सूत्रों के अनुसार, 2022 में सभी 230 गांवों में टंकी निर्माण का कार्य शुरू किया गया था, जिसके लिए लगभग 500 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था। हालांकि, ठेकेदारों को 254 करोड़ रुपये का भुगतान हो चुका है, फिर भी अधिकांश गांवों में काम अधूरा है। पिछले डेढ़ साल से कई स्थानों पर निर्माण कार्य ठप पड़ा है और ठेकेदारों और मजदूरों ने कोई ध्यान नहीं दिया है। स्थिति यह है कि जो निर्माण हुआ है, वह भी अब जर्जर होने लगा है।
शामली के जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अधूरे कार्यों को जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब 500 करोड़ में से 254 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, तो काम पूरा क्यों नहीं हुआ? दोषी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
जल निगम के एक्सईएन फूल कुमार ने बताया कि कार्यदायी संस्थाओं जेएमसी लक्ष्मी और गायत्री को कई बार नोटिस भेजे गए हैं, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। यदि काम जल्द शुरू नहीं हुआ, तो संबंधित संस्थाओं को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ग्रामीणों की समस्याएं बढ़ी
हसनपुर लुहारी में पाइप मरम्मत के नाम पर सड़क खोदकर छोड़ दी गई है, जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है। खेड़ा भाऊ में पाइपलाइन बिछाई गई है, लेकिन जगह-जगह से पानी रिस रहा है। कई महीनों से टंकी का निर्माण कार्य भी ठप पड़ा है। रज्जाक नगर (झिंझाना) में दो साल पहले टंकी बनकर तैयार हो चुकी है, लेकिन अब तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद उन्हें शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है।
काम पूरा करने वाले गांव
आदमपुर, अहाता गोसगढ़, असदपुर, औरंगाबाद, बाबरी, बाधुपुरा, बहावड़ी, बरनावी, बरखंडी, भैंसवाल, भैंसानी, भनेड़ा, भारसी, भोगी मजारा, बीबीपुर हटिया, बुटराड़ा, चढ़ाव, चौसाना, डांगरौल, धनेना समेत 56 गांवों में काम पूरा हुआ है।
अधूरे काम वाले गांव
लिसाढ़, लिलौन, गढ़ी, कुड़ाना, सोंटा, फतेहपुर, गढ़ी अब्दुल्ला खान, गढ़ी पुख्ता, जलालपुर, जसाला, काबौत, कादरपुर, कैरी, काजपुरा, खेड़ा गदाई, खेड़ा मस्तान, खेड़ी बैरागी, खंवादा, मलकपुर, मुंडेटकलां, नाला, नौनागली समेत 174 गांवों में काम अधूरा पड़ा है।
