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शेयर बाजार में गिरावट: मोदी की अपील का असर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल, डीजल और गैस के खर्च में कटौती की अपील के बाद शेयर बाजार में भारी गिरावट आई है। बीएसई का संवेदी सूचकांक 1,313 अंकों की कमी के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी में भी गिरावट दर्ज की गई। ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट आई है, जिससे निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। जानें इस गिरावट के पीछे के कारण और मोदी के बयान का प्रभाव।
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शेयर बाजार में गिरावट: मोदी की अपील का असर

शेयर बाजार में भारी गिरावट

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया के संकट को देखते हुए नागरिकों से पेट्रोल, डीजल और गैस के खर्च में कटौती करने की सलाह देने के अगले दिन, सोमवार को शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक 1,313 अंकों की कमी के साथ 76,015 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 360 अंकों की गिरावट आई, जो 23,815 पर समाप्त हुआ।


सोमवार के कारोबार में ऑटो, बैंकिंग, उपभोक्ता वस्त्र और रियल एस्टेट शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले, पिछले हफ्ते के अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार, 8 मई को भी शेयर बाजार में गिरावट आई थी, जब सूचकांक 516 अंकों की कमी के साथ 77,328 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 150 अंकों की कमी आई, जो 24,176 पर समाप्त हुआ।


प्रधानमंत्री मोदी के रविवार के बयान के बाद, सोमवार, 11 मई को ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में 10 फीसदी तक की गिरावट आई। एक दिन पहले, रविवार को हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री ने नागरिकों से आग्रह किया था कि वे एक साल तक सोना न खरीदें। इस बयान के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ गई है। कल्याण ज्वेलर्स और सेन्को गोल्ड के शेयरों में 10 फीसदी की गिरावट आई है, जबकि देश की सबसे बड़ी ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयरों में 7 फीसदी की कमी आई है।


प्रधानमंत्री के बयान के बाद यह संभावना बढ़ गई है कि सरकार सोने पर आयात शुल्क बढ़ा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो सोने की मांग में 10 फीसदी से अधिक की कमी आ सकती है। शेयर बाजार में गिरावट का एक अन्य कारण ईरान में अनिश्चितता भी बताई जा रही है, क्योंकि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम के प्रस्ताव पर सहमति नहीं बन पाई है।