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श्रीनगर एयरपोर्ट पर अमेरिकी नागरिकों से मिला सैटेलाइट फोन, सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों ने दो अमेरिकी नागरिकों से सैटेलाइट फोन बरामद किया है। यह घटना भारत के सख्त दूरसंचार कानूनों का उल्लंघन दर्शाती है। दोनों यात्रियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और भारत में सैटेलाइट फोन के उपयोग पर लगे प्रतिबंध के बारे में।
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श्रीनगर एयरपोर्ट पर अमेरिकी नागरिकों से मिला सैटेलाइट फोन, सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई

श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षा की बड़ी कार्रवाई


रविवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर हवाई अड्डे पर सुरक्षा बलों ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। नियमित जांच के दौरान, दो अमेरिकी नागरिकों के सामान में एक सैटेलाइट फोन पाया गया। भारत में बिना सरकारी अनुमति के इस उपकरण का होना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। दोनों यात्रियों को तुरंत हिरासत में लिया गया और पूछताछ के बाद पुलिस को सौंप दिया गया। एक यात्री की पहचान मोंटाना निवासी जेफरी स्कॉट के रूप में हुई है, जिसके पास गार्मिन कंपनी का सैटेलाइट फोन था। यह घटना भारत के सख्त दूरसंचार कानूनों को उजागर करती है, जहां थुराया और इरिडियम जैसे उपकरणों पर पूर्ण प्रतिबंध है।


बैगेज में सैटेलाइट फोन की खोज

जब श्रीनगर एयरपोर्ट पर सुरक्षाकर्मियों ने एक्स-रे मशीन से दोनों अमेरिकी नागरिकों का सामान स्कैन किया, तो उन्हें एक सैटेलाइट फोन मिला। यह गार्मिन कंपनी का था। भारत में सैटेलाइट फोन रखने के लिए दूरसंचार विभाग (DoT) से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है। बिना अनुमति के इस उपकरण का होना इंडियन टेलीग्राफ एक्ट का उल्लंघन है। एयरपोर्ट सुरक्षा ने दोनों अमेरिकियों से घंटों तक पूछताछ की, जिसमें उनसे फोन लाने का कारण, इसके उपयोग का स्थान और भारतीय कानूनों की जानकारी के बारे में सवाल किए गए। बाद में, उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया और अब पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है।


अन्य विदेशी नागरिकों के खिलाफ भी कार्रवाई

यह पहली बार नहीं है जब किसी विदेशी नागरिक के पास से सैटेलाइट फोन बरामद हुआ है। पिछले साल मई में, एक अमेरिकी डॉक्टर को पुडुचेरी एयरपोर्ट पर इरिडियम फोन के साथ पकड़ा गया था। उसे हैदराबाद जाने वाली उड़ान में चढ़ने से रोका गया था। इससे पहले, एक चीनी नागरिक और एक ब्रिटिश व्यवसायी को भी इसी तरह के मामलों में हिरासत में लिया गया था। ये उपकरण आतंकवादी गतिविधियों में उपयोग किए जा सकते हैं, इसलिए भारत सरकार ने इन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। नियमों का उल्लंघन करने पर दो करोड़ रुपये तक का जुर्माना, उपकरण की जब्ती या गिरफ्तारी हो सकती है।


एयरलाइंस को निर्देश, यात्रियों को जानकारी देना अनिवार्य

भारत सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 30 जनवरी 2025 को सभी एयरलाइंस को निर्देश जारी किए थे कि वे भारत आने वाली उड़ानों में यात्रियों को सैटेलाइट फोन पर लगे प्रतिबंध के बारे में जानकारी दें। यह जानकारी फ्लाइट के अंदर घोषणा करके, ओवरसीज ऑफिस के माध्यम से या उड़ान के मैगजीन में दी जानी चाहिए। अमेरिका और ब्रिटेन ने भी अपने नागरिकों के लिए यात्रा सलाह जारी की है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि भारत में सैटेलाइट फोन या जीपीएस उपकरण ले जाना खतरनाक हो सकता है। इससे भारी जुर्माना, सामान की जब्ती या गिरफ्तारी हो सकती है। वर्तमान में, दोनों अमेरिकी नागरिकों से पूछताछ जारी है।