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संजय राउत ने पीएम मोदी की टीम इंडिया रणनीति पर उठाए सवाल

शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने पीएम मोदी की टीम इंडिया रणनीति पर सवाल उठाते हुए इसे पाखंड करार दिया। उन्होंने कहा कि संकट के समय सभी पार्टियों को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राउत ने संसदीय चर्चा की मांग की और महा विकास अघाड़ी की आवश्यकता पर जोर दिया। जानें इस मुद्दे पर उनका क्या कहना है और पीएम मोदी की बैठक में क्या चर्चा हुई।
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संजय राउत ने पीएम मोदी की टीम इंडिया रणनीति पर उठाए सवाल

संजय राउत का पीएम मोदी पर तंज

नई दिल्ली। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने शनिवार को पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के संदर्भ में केंद्र की टीम इंडिया रणनीति पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाते हुए इसे पाखंड करार दिया। पीएम मोदी ने इस संकट के बीच मुख्यमंत्रियों के साथ एक बैठक की, जिसमें उन्होंने कहा कि टीम इंडिया के रूप में मिलकर काम करते हुए देश इस स्थिति का सामना करेगा। राउत ने केंद्र सरकार पर पलटवार करते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक में पीएम की अनुपस्थिति की ओर इशारा किया। उन्होंने संसदीय चर्चा की मांग करते हुए कहा कि टीम इंडिया का हिस्सा कौन है? यह एक राष्ट्रीय विचार है, लेकिन क्या पीएम देश के बारे में सोचते हैं? उनकी अपनी पार्टी में भी कोई टीम नहीं है।


राउत ने कहा कि संकट के समय सभी पार्टियों को एक साथ बैठकर चर्चा करनी चाहिए थी, और विपक्ष ने केंद्र को समर्थन देने का आश्वासन दिया था। लेकिन केंद्र सरकार इस टीम इंडिया के पाखंड को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम इंडिया के नेता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संसद में संघर्ष के प्रभाव पर चर्चा हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राउत ने महा विकास अघाड़ी (MVA) की मांग को दोहराते हुए कहा कि महायुति सरकार को टीम महाराष्ट्र बनाने की आवश्यकता है, ताकि राज्य में पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रभाव का सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक वास्तविक टीम का गठन किया जाना चाहिए, जिसमें मुख्य विपक्षी पार्टी भी शामिल हो, ताकि मौजूदा संकटों का सामूहिक रूप से सामना किया जा सके।


इस बीच, पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों की बैठक में सरकार की प्राथमिकताओं पर जोर दिया, जिसमें आर्थिक और व्यापारिक स्थिरता बनाए रखना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना, नागरिकों के हितों की रक्षा करना और उद्योग तथा आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना शामिल है। राउत ने यह भी आरोप लगाया कि शिवसेना विधायक दीपक केसरकर और NCP नेता रूपाली चाकणकर के अलावा 40 अन्य विधायक भी यौन उत्पीड़न के आरोपी अशोक खरात से जुड़े हुए थे।