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संजय सिंह ने पीएम मोदी पर ईरान संकट को लेकर उठाए सवाल

आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पीएम मोदी पर ईरान संकट के दौरान चुप रहने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या और स्कूली बच्चों की मौत के बावजूद पीएम ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। संजय सिंह ने सवाल उठाया कि क्या भारत की विदेश नीति अब अमेरिका और इजरायल की पसंद से तय होगी। उन्होंने ऊर्जा संकट और LPG सिलेंडर की लंबी लाइनों का भी जिक्र किया। जानें इस मुद्दे पर उनके और क्या विचार हैं।
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संजय सिंह ने पीएम मोदी पर ईरान संकट को लेकर उठाए सवाल

ईरान-इजरायल संघर्ष पर संजय सिंह की प्रतिक्रिया


नई दिल्ली। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की। इस पर आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने पीएम मोदी पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि ईरान के सुप्रीम लीडर की हत्या और 160 से अधिक स्कूली बच्चों की मौत के बावजूद, प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा।


संजय सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री ने ईरान के राष्ट्रपति से बातचीत की और इस पर एक विस्तृत ट्वीट भी किया। लेकिन सवाल यह है कि जब स्थिति बिगड़ रही थी, तब वे चुप क्यों थे? हम पहले दिन से कह रहे थे कि पीएम को तुरंत ईरान से बात करनी चाहिए, लेकिन मोदी जी उस समय अमेरिका और इजरायल की तारीफों में व्यस्त थे।


उन्होंने आगे कहा कि ईरान पर अमेरिकी हमले से ठीक एक दिन पहले, पीएम इजरायल गए और वहां अमेरिका और इजरायल की प्रशंसा की। देश जानना चाहता है कि क्या भारत की विदेश नीति अब देशहित से नहीं, बल्कि अमेरिका और इजरायल की पसंद से तय होगी?


संजय सिंह ने यह भी कहा कि कई देशों ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते युद्ध के खतरे पर बयान दिए, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। भारत में लोग LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं, कई फैक्ट्रियां बंद हो रही हैं, और ऊर्जा संकट गहरा रहा है। जब संकट बढ़ा, तब जाकर पीएम ने एक ट्वीट किया। अगर भारत सरकार सच में सस्ता तेल खरीदना चाहती है, तो फिर रूस और ईरान से सस्ता तेल और गैस क्यों नहीं खरीद रही?


उन्होंने कहा कि अमेरिका खुद संकट में है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री उसी अमेरिका के पीछे चलने में लगे हैं। जैसे पीएम के मित्र हर आपदा में अवसर तलाश लेते हैं, वैसे ही डोनाल्ड ट्रंप भी इस वैश्विक संकट को अपने फायदे में बदलने की कोशिश कर रहे हैं। भारत के लोग LPG सिलेंडर के लिए लंबी लाइनों में खड़े हैं, जबकि मोदी सरकार बांग्लादेश को 60 लाख लीटर डीजल भेज रही है।


संजय सिंह ने कहा कि जिस अमेरिका की मोदी जी लगातार तारीफ कर रहे हैं, वही अब भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है। 2014 से पहले मोदी जी के भाषण सुनकर लगता था कि वे भारत के हितों से समझौता नहीं करेंगे, लेकिन अब हालात ऐसे हैं कि वे दबाव में झुकते नजर आ रहे हैं।


आज देश के सामने सबसे बड़ा सवाल ऊर्जा संकट का है। लोग LPG सिलेंडर के लिए लंबी-लंबी लाइनों में खड़े हैं। पीएम मोदी को स्पष्ट रूप से बताना चाहिए कि क्या देश में ऊर्जा का यह संकट खत्म होगा? क्या लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए इस तरह लाइनों में खड़ा नहीं होना पड़ेगा?