संजीत अरोड़ा की कंपनी ने ईडी जांच पर दी सफाई, मोबाइल एक्सपोर्ट को बताया वैध
कंपनी ने ईडी जांच पर दी प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा से संबंधित हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही जांच पर पहली बार अपने विचार साझा किए हैं। कंपनी ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि उसे भारतीय न्यायपालिका और कानूनी प्रक्रियाओं पर पूरा विश्वास है और वह जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है।
कंपनी ने मोबाइल एक्सपोर्ट व्यवसाय के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। हैम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड ने बताया कि उसने मई 2023 में मोबाइल फोन एक्सपोर्ट का कार्य शुरू किया। कंपनी ने यह भी कहा कि भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल और पीएलआई योजना के तहत मोबाइल निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला, जिससे उसने इस क्षेत्र में कदम रखा। इसके अलावा, कंपनी ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) भारतीय मोबाइल एक्सपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है।
कंपनी का दावा है कि उसने 44,471 असली मोबाइल फोन और उनके एक्सेसरीज का निर्यात किया है, जिसमें एप्पल आईफोन, एयरपॉड्स, सैमसंग और वनप्लस जैसे प्रमुख ब्रांड शामिल हैं। कंपनी के अनुसार, सभी शिपमेंट को कस्टम क्लीयरेंस और ओईएम वेरिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना पड़ा।
अपने दावों को मजबूत करते हुए, कंपनी ने आईएमईआई सत्यापन का भी उल्लेख किया। बयान में कहा गया कि प्रत्येक मोबाइल फोन का यूनिक आईएमईआई नंबर सत्यापित किया गया था। कंपनी के अनुसार, एप्पल और सैमसंग जैसी कंपनियों ने निर्यात किए गए उपकरणों के असली आईएमईआई नंबर को मान्यता दी। इसके अलावा, कंपनी ने यह भी कहा कि ये सभी फोन विदेश पहुंचने के बाद सक्रिय भी हुए थे।
हैम्पटन स्काई रियल्टी ने फर्जी निर्यात और राउंड-ट्रिपिंग के आरोपों को पूरी तरह से खारिज किया। कंपनी ने कहा कि निर्यात से प्राप्त सभी धन वैध बैंकिंग माध्यमों के जरिए आया था और सभी आपूर्तिकर्ताओं को भुगतान भी बैंकिंग माध्यम से किया गया।
जीएसटी धोखाधड़ी के मामले में, कंपनी ने खुद को पीड़ित बताया। बयान में कहा गया कि कुछ सप्लायर्स पर जीएसटी धोखाधड़ी के आरोप हैं, लेकिन यह सप्लायर साइड का मुद्दा है। कंपनी ने इस मामले में एफआईआर भी दर्ज करवाई थी, जो लुधियाना के फोकल पॉइंट पुलिस थाने में की गई थी।
कंपनी ने यह भी कहा कि विवादित जीएसटी राशि पहले ही जमा कर दी गई है और मामला वर्तमान में जीएसटी अपीलीय प्राधिकरण में लंबित है। कंपनी के अनुसार, सरकार को अब तक किसी प्रकार का आर्थिक नुकसान नहीं हुआ है।
कंपनी ने कहा कि वह सभी जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रही है और सभी आवश्यक दस्तावेज कानूनी मंचों पर प्रस्तुत किए जाएंगे। कंपनी ने विश्वास जताया कि अंततः 'सच्चाई की जीत' होगी।
