Newzfatafatlogo

संभल में अवैध मस्जिदों और मदरसे का ध्वस्तीकरण

संभल में प्रशासन ने हाल ही में दो अवैध मस्जिदों और एक मदरसे को ध्वस्त किया। स्थानीय निवासियों ने एक मस्जिद को स्वयं तोड़ने का कार्य किया, जबकि प्रशासन ने अन्य अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई की। इस ध्वस्तीकरण के पीछे सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और कॉमर्शियल गतिविधियों का खुलासा हुआ है। जानें इस कार्रवाई के बारे में अधिक जानकारी और प्रशासन की प्रतिक्रिया।
 | 
संभल में अवैध मस्जिदों और मदरसे का ध्वस्तीकरण

संभल में अवैध निर्माण का ध्वस्तीकरण


अवैध कब्जे का मामला
संभल में रविवार को प्रशासन ने दो अवैध मस्जिदों और एक मदरसे को ध्वस्त किया। हाजीपुर गांव के निवासियों ने एक मस्जिद को स्वयं ही तोड़ दिया, जहां लोग रातभर हथौड़े और छेनी का उपयोग करते रहे। यह मस्जिद 1339 वर्ग मीटर क्षेत्र में बनी थी। जब प्रशासन की टीम वहां पहुंची, तो केवल मलबा ही दिखाई दिया।


तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह एक सकारात्मक कदम है कि स्थानीय लोगों ने स्वयं अवैध निर्माण को तोड़ दिया। प्रशासन ने तीन घंटे में बुलडोजर से मलबा हटाया और फिर मदरसे को तोड़ने के लिए 500 मीटर दूर गए। वहां ढोल बजाकर मुनादी कराई गई और तीन बुलडोजरों की मदद से 1500 वर्ग मीटर में बने अवैध मदरसे को ध्वस्त किया गया। इस कार्रवाई के दौरान डीएम और एसपी के साथ भारी पुलिस बल भी मौजूद था।


सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण

अवैध मस्जिद का ध्वस्तीकरण
असमोली थाने के राया बुजुर्ग गांव में भी एक मस्जिद को ध्वस्त किया गया, जो सरकारी जमीन पर बनी थी। अधिकारियों ने बताया कि 2 अक्टूबर को इस पर कार्रवाई का नोटिस दिया गया था, लेकिन मस्जिद कमेटी ने हाईकोर्ट में अपील की थी, जिसे खारिज कर दिया गया।


कॉमर्शियल गतिविधियों का खुलासा
डीएम राजेंद्र पेंसिया ने बताया कि मदरसे के नाम पर 1500 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा किया गया था, लेकिन वहां अवैध कॉमर्शियल गतिविधियां चल रही थीं। दुकानों का किराया वसूला जा रहा था। तहसीलदार ने डेढ़ महीने पहले ध्वस्तीकरण का आदेश दिया था, लेकिन मदरसा कमेटी ने कोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी और 15 दिन का नोटिस दिया गया। आज नोटिस की अवधि समाप्त होने पर कार्रवाई की गई।