संसद में अमेरिकी-इजराइल और ईरान संघर्ष पर हंगामा
सदन की कार्यवाही स्थगित
सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित
नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष ने अमेरिकी-इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष पर जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने पश्चिम एशिया में उत्पन्न हालातों पर चर्चा की मांग की। सरकार ने बताया कि विपक्ष ने स्पीकर ओम बिडला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया है, जिस पर चर्चा के लिए वे तैयार हैं। विदेश मंत्री ने विपक्ष के सवालों का प्रभावी उत्तर दिया। इसके बाद सदन को मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। विदेश मंत्री ने राज्यसभा और फिर लोकसभा में गल्फ देशों से भारतीयों की वापसी और ऊर्जा संकट पर सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ईरान की नेतृत्व से संपर्क करना कठिन है, लेकिन भारत शांति और संवाद का पक्षधर है।
विपक्ष का राज्यसभा से वॉक आउट
जब विदेश मंत्री जयशंकर अपने संबोधन में थे, तब विपक्ष ने राज्यसभा से वॉक आउट किया। लोकसभा में उनके भाषण के दौरान विपक्ष ने 'हम चर्चा चाहते हैं' के नारे लगाए और हंगामा किया। चेयर के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद विपक्षी सांसद शांत नहीं हुए।
वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी
विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान संघर्ष भारत के लिए चिंता का विषय है। हम पड़ोसी हैं और वेस्ट एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय निवास करते हैं और काम करते हैं। ईरान में भी कई हजार भारतीय अध्ययन या नौकरी के लिए हैं। यह क्षेत्र हमारी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें तेल और गैस के कई आवश्यक सप्लायर शामिल हैं। सप्लाई चेन में रुकावटें और अस्थिरता गंभीर समस्याएं हैं।
भारतीयों की वापसी के लिए प्रयास जारी
उन्होंने बताया कि हमने दो भारतीय नाविकों को खो दिया है, और एक अभी भी लापता है। मुंबई के शिपिंग डायरेक्टरेट जनरल ने 14 जनवरी को भारतीय नाविकों को सलाह दी थी कि वे एम्बेसी की एडवाइजरी का पालन करें और किनारे पर बेवजह आने-जाने से बचें। वेस्ट एशिया से हमारे नागरिकों को वापस लाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।
67,000 नागरिकों ने इंटरनेशनल बॉर्डर पार किया
विदेश मंत्री ने कहा कि 8 मार्च तक लगभग 67,000 भारतीय नागरिक इंटरनेशनल बॉर्डर पार कर चुके हैं। संबंधित मंत्रालय इस मामले में समन्वय कर रहे हैं। संघर्ष लगातार बढ़ रहा है और क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है। वास्तव में, यह संघर्ष अन्य देशों में भी फैल गया है, जिससे तबाही और मौतों की संख्या बढ़ रही है।
