सऊदी अरब ने बर्ड फ्लू के खतरे के चलते 40 देशों से पोल्ट्री उत्पादों पर लगाया प्रतिबंध
सऊदी अरब का नया प्रतिबंध
रियाद: सऊदी अरब ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के मद्देनजर भारत समेत 40 देशों से पोल्ट्री, अंडे और संबंधित उत्पादों के आयात पर तुरंत रोक लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम 'सऊदी फूड एंड ड्रग अथॉरिटी' द्वारा उन देशों में 'हाइली पैथोजेनिक एवियन इन्फ्लुएंजा' (बर्ड फ्लू) के प्रकोप की रिपोर्ट के बाद उठाया गया है। इस प्रतिबंध में एशिया, यूरोप और अफ्रीका के कई प्रमुख निर्यातक देश शामिल हैं।
प्रतिबंध के अंतर्गत आने वाले उत्पाद
SFDA के अनुसार, यह प्रतिबंध जीवित पक्षियों, सेने वाले अंडों और बिना गर्म किए गए पोल्ट्री मांस उत्पादों पर लागू होगा। हालांकि, उन उत्पादों को छूट दी गई है जिन्हें वायरस समाप्त करने के लिए उच्च तापमान पर गर्म किया गया है। ऐसे उत्पादों के आयात के लिए आयातकों को सऊदी अरब के हीट-ट्रीटमेंट मानकों के अनुसार प्रमाणित दस्तावेज पेश करने होंगे।
भारतीय निर्यातकों पर प्रभाव
भारत, जो खाड़ी देशों को अंडे और पोल्ट्री उत्पादों का एक प्रमुख निर्यातक है, इस निर्णय से काफी प्रभावित हो सकता है। हाल के दिनों में खाड़ी देशों में भारतीय टेबल अंडों की मांग में वृद्धि देखी गई थी। उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस अचानक रोक के कारण भारतीय घरेलू बाजार में उत्पादों की अधिकता हो सकती है, जिससे कीमतों में गिरावट आ सकती है। भारत के अलावा, फ्रांस और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों पर भी इसका गहरा असर पड़ेगा।
स्वास्थ्य सुरक्षा और वैश्विक संदर्भ
एवियन इन्फ्लुएंजा एक अत्यधिक संक्रामक वायरल बीमारी है जो पक्षियों को प्रभावित करती है, लेकिन इसके कुछ स्ट्रेन इंसानों में भी फैल सकते हैं। सऊदी अरब की यह कार्रवाई 'वर्ल्ड ऑर्गनाइजेशन फॉर एनिमल हेल्थ' द्वारा जारी वैश्विक स्वास्थ्य बुलेटिनों पर आधारित है। सऊदी प्रशासन अपनी 'वन हेल्थ' नीति के तहत मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य की निगरानी को एकीकृत कर रहा है ताकि भविष्य की महामारियों को रोका जा सके।
घरेलू बाजार की स्थिरता का आश्वासन
सऊदी अरब के पर्यावरण, जल और कृषि मंत्रालय ने नागरिकों को आश्वासन दिया है कि इस प्रतिबंध से देश के भीतर पोल्ट्री की आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी। मंत्रालय स्थानीय उत्पादकों के साथ मिलकर घरेलू उत्पादन बढ़ाने पर काम कर रहा है। साथ ही, उन देशों से आयात के विकल्प तलाशे जा रहे हैं जो बर्ड फ्लू से प्रभावित नहीं हैं। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक प्रभावित देशों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार नहीं हो जाता और अंतरराष्ट्रीय पशु चिकित्सा निगरानी निकायों द्वारा उन्हें सुरक्षित घोषित नहीं कर दिया जाता।
