सज्जाद लोन की जम्मू और कश्मीर को दो राज्यों में विभाजित करने की मांग
सज्जाद लोन का बयान
पीपुल्स कांफ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन ने जम्मू और कश्मीर को दो अलग राज्यों में विभाजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
लोन ने कहा कि अब समय आ गया है कि दोनों क्षेत्रों के बीच सौहार्दपूर्ण अलगाव पर गंभीरता से विचार किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि कश्मीर को ऐसे क्षेत्रीय दृष्टिकोण को सहन नहीं करना चाहिए जो कश्मीरियों की छवि को खराब करता है।
उन्होंने यह बातें बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहीं, जहां उन्होंने जम्मू को अलग राज्य बनाने की मांग का भी उल्लेख किया। भाजपा के जम्मू नॉर्थ से विधायक श्याम लाल शर्मा ने हाल ही में कहा था कि जम्मू अब कश्मीर का बोझ नहीं उठा सकता।
बडगाम में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की मांग
लोन ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बडगाम में नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने का चुनावी वादा पूरा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने वादों को निभाना चाहिए और यूनिवर्सिटी को बडगाम में ही रहना चाहिए।
बिचौलियों की भूमिका पर सवाल
लोन ने यह भी कहा कि कश्मीर का भारत के अन्य हिस्सों से जुड़ाव उन लोगों के माध्यम से नहीं हो सकता जो कश्मीर की छवि को खराब करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कश्मीर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने के लिए ऐसे बिचौलियों की आवश्यकता नहीं है।
आरक्षण और कश्मीरियों की स्थिति
लोन ने यह भी बताया कि कश्मीर में क्षेत्रीय संबंधों को लेकर भावनाएं बदल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि आरक्षण जैसे मुद्दों पर कश्मीरियों को पीछे रखा जा रहा है, और अब लोग इसे और सहन नहीं कर पा रहे हैं। उनका मानना है कि कश्मीर में अलगाव की इच्छा पहले से कहीं अधिक बढ़ चुकी है।
