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सन फार्मा ने ऑर्गनॉन का 11.75 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया

सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने अमेरिका की ऑर्गनॉन एंड कंपनी को 11.75 अरब डॉलर में खरीदने की घोषणा की है। यह सौदा कंपनी के लिए सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण होगा, जिससे उसकी वैश्विक स्थिति मजबूत होगी। इस डील के माध्यम से, सन फार्मा अपने नवोन्मेषी दवाओं के कारोबार को बढ़ाने के साथ-साथ बायोसिमिलर क्षेत्र में भी प्रवेश करेगी। जानें इस अधिग्रहण के पीछे की रणनीति और शेयर बाजार पर इसके संभावित प्रभाव के बारे में।
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सन फार्मा ने ऑर्गनॉन का 11.75 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया

सन फार्मा का बड़ा अधिग्रहण

नई दिल्ली। भारत की प्रमुख दवा कंपनियों में से एक, सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। कंपनी ने अमेरिका की ऑर्गनॉन एंड कंपनी को खरीदने का निर्णय लिया है। यह सौदा लगभग 11.75 अरब डॉलर (लगभग 98 हजार करोड़ रुपये) का है, जो कि सन फार्मा का अब तक का सबसे बड़ा विदेशी अधिग्रहण होगा। इस डील के तहत, सन फार्मा ऑर्गनॉन के 100% शेयर खरीदेगी, जिनकी कीमत प्रति शेयर 14 डॉलर निर्धारित की गई है। इस प्रकार, कंपनी का कुल एंटरप्राइज वैल्यू 11.75 अरब डॉलर और इक्विटी वैल्यू लगभग 3.99 अरब डॉलर होगी।


सौदे का उद्देश्य

सन फार्मा का कहना है कि यह अधिग्रहण उसकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा है। इसके माध्यम से, कंपनी अपने नवोन्मेषी दवाओं के कारोबार को बढ़ावा देना चाहती है, साथ ही मौजूदा ब्रांडेड और जेनेरिक दवाओं के व्यवसाय को भी मजबूत करना चाहती है। इस सौदे की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इससे सन फार्मा बायोसिमिलर दवाओं के क्षेत्र में भी प्रवेश कर सकेगी, जिससे वह वैश्विक दवा बाजार में एक प्रमुख खिलाड़ी बन सकेगी।


संयुक्त कंपनी का आकार

कितनी बड़ी बनेगी कंपनी?

इस अधिग्रहण के बाद, संयुक्त कंपनी दुनिया की शीर्ष 25 दवा कंपनियों में शामिल हो सकती है। दोनों कंपनियों की कुल वार्षिक आय लगभग 12.4 अरब डॉलर होने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के स्वास्थ्य और बायोसिमिलर क्षेत्र में भी कंपनी की स्थिति मजबूत होगी।


ऑर्गनॉन की गतिविधियाँ

समझिए ऑर्गेनॉन क्या करती है?

ऑर्गनॉन, जो अमेरिका के न्यू जर्सी में स्थित है, महिलाओं के स्वास्थ्य, बायोसिमिलर और पुरानी दवाओं के क्षेत्र में कार्यरत है। कंपनी के पास 70 से अधिक उत्पाद हैं और यह 140 से अधिक देशों में सक्रिय है। इस सौदे को दोनों कंपनियों के बोर्ड द्वारा मंजूरी मिल चुकी है, और अब इसे नियामक मंजूरी और शेयरधारकों की सहमति की आवश्यकता है। उम्मीद है कि यह डील 2027 की शुरुआत तक पूरी हो जाएगी।


वित्तीय योजना

पैसा कहां से आएगा?

सन फार्मा इस अधिग्रहण के लिए धन अपनी आंतरिक आय और कर्ज के माध्यम से जुटाएगी। इस संबंध में, कंपनी के चेयरमैन दिलीप संघवी ने कहा कि यह अधिग्रहण कंपनी को और अधिक मजबूत और विविध बनाएगा। वहीं, प्रबंध निदेशक कीर्ति गानोरकर ने कहा कि इस डील से आगे बढ़ने के लिए कई अवसर मिलेंगे।


शेयर बाजार पर प्रभाव

समझिए शेयर बाजार पर कैसा होगा असर?

इस खबर के बाद, सन फार्मा के शेयरों में तेजी आई है। सोमवार को कंपनी का शेयर लगभग 6.7% बढ़कर 1,728.65 रुपये तक पहुंच गया। कुल मिलाकर, यह डील भारतीय फार्मा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे सन फार्मा की वैश्विक स्थिति और मजबूत होगी।