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सपा सांसद इकरा हसन पर केस दर्ज, सड़क जाम करने का आरोप

सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन पर सड़क जाम करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज किया गया है। उनके साथ अन्य नामजद व्यक्तियों पर भी एफआईआर की गई है। यह मामला एक हत्याकांड से जुड़ा है, जिसमें पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की थी। इकरा हसन ने डीआईजी कार्यालय में सुनवाई न होने पर धरना दिया, जिसके बाद पुलिस के साथ उनकी तीखी बहस हुई। जानें इस विवाद की पूरी कहानी और सांसद की प्रतिक्रिया।
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सपा सांसद इकरा हसन पर केस दर्ज, सड़क जाम करने का आरोप

सहारनपुर में इकरा हसन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई

सहारनपुर। समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष इकरा हसन पर सहारनपुर में एक मामला दर्ज किया गया है। उनके साथ 6 नामजद और 25 अज्ञात व्यक्तियों पर भी एफआईआर की गई है। आरोप है कि इकरा हसन ने डीआईजी कार्यालय के बाहर सड़क को जाम किया और सरकारी कार्य में बाधा डाली। इस संबंध में सिविल लाइन चौकी प्रभारी ने थाना सदर बाजार में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

इकरा हसन के साथ यूपी के पूर्व मंत्री मांगेराम कश्यप, शीशपाल, सत्यपाल, अनुज, तेजपाल सिंह और अजय का नाम भी शामिल है। हाल ही में एक विवाद के चलते इकरा हसन अपने समर्थकों के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं, जहां सुनवाई न होने पर उन्होंने धरना देने का निर्णय लिया। इस दौरान उनकी पुलिसकर्मियों के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

यह मामला शामली जिले के दशाले गांव के मोनू कश्यप हत्याकांड से संबंधित है। पीड़ित परिवार ने कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन अधिकारियों ने उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद इकरा हसन पीड़ित परिवार के साथ डीआईजी कार्यालय पहुंची थीं।

सपा सांसद ने आरोप लगाया कि डीआईजी कार्यालय में उनकी बात नहीं सुनी गई। महिला पुलिसकर्मियों ने उन्हें थाने ले जाकर हिरासत में रखा। पुलिस ने पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप समेत पांच लोगों पर शांतिभंग की कार्रवाई भी की।

इस कार्रवाई से नाराज होकर इकरा हसन सदर बाजार थाने पहुंची और समर्थकों के साथ धरने पर बैठ गईं। धरना शाम करीब चार बजे शुरू हुआ और देर रात तक चला। इस दौरान थाने के बाहर भारी भीड़ इकट्ठा हो गई और सांसद की पुलिस प्रशासन के साथ तीखी नोकझोंक भी हुई। गुस्से में सांसद ने कहा कि यदि न्याय मांगना अपराध है, तो उन्हें भी जेल भेज दिया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ितों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है।