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सरकार का नया कदम: राशन कार्ड धारकों को मिलेगा तीन महीने का अनाज एक साथ

केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें अप्रैल में तीन महीने का अनाज एक साथ देने का निर्णय लिया गया है। इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रक्रिया को सरल बनाना और पारदर्शिता को बढ़ाना है। सरकार ने अपात्र राशन कार्डों को रद्द करने की प्रक्रिया को भी तेज किया है, जिससे सही लाभार्थियों तक राशन पहुंच सके। जानें इस योजना के तहत क्या-क्या बदलाव किए गए हैं और कैसे यह जरूरतमंदों के लिए फायदेमंद साबित होगा।
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सरकार का नया कदम: राशन कार्ड धारकों को मिलेगा तीन महीने का अनाज एक साथ

राशन कार्ड धारकों के लिए राहत

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने राशन कार्ड धारकों को राहत प्रदान करते हुए अप्रैल में एक साथ तीन महीने का अनाज देने का निर्णय लिया है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, लाभार्थियों को अप्रैल, मई और जून 2026 का राशन एक बार में उपलब्ध कराया जाएगा।


सरकार का वितरण प्रक्रिया में सुधार

सरकार ने बताया कि सभी पात्र लाभार्थी अपने नजदीकी उचित मूल्य की दुकान से समय पर अनाज प्राप्त कर सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य वितरण प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाना है, ताकि लोगों को बार-बार राशन लेने के लिए नहीं जाना पड़े। इसके साथ ही, सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में पारदर्शिता लाने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई की है। 2025 में देशभर में 41.41 लाख अपात्र राशन कार्ड रद्द किए गए। संसद में दी गई जानकारी के अनुसार, हरियाणा में सबसे अधिक 13.43 लाख कार्ड समाप्त किए गए, जबकि राजस्थान में 6.05 लाख, उत्तर प्रदेश में 5.97 लाख, पश्चिम बंगाल में 3.74 लाख और मध्य प्रदेश में 2.60 लाख कार्ड रद्द किए गए।


डिजिटलीकरण से पारदर्शिता में वृद्धि

खाद्य राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया ने बताया कि पीडीएस में तकनीक के बढ़ते उपयोग से फर्जी और अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हो गया है। इसी कारण राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने बड़ी संख्या में ऐसे कार्डों को समाप्त किया है। सरकार के अनुसार, राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह से डिजिटल किया जा चुका है। देश की लगभग सभी उचित मूल्य की दुकानों पर इलेक्ट्रॉनिक ‘प्वाइंट ऑफ सेल’ (ईपीओएस) मशीनें स्थापित की गई हैं, जिससे वितरण प्रक्रिया पारदर्शी और तेज हुई है।


आधार से जुड़ाव और बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण

इसके अलावा, 99 प्रतिशत से अधिक लाभार्थियों को आधार से जोड़ा जा चुका है और अधिकांश राशन वितरण बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के माध्यम से किया जा रहा है। इससे न केवल भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है, बल्कि सही लाभार्थियों तक राशन पहुंचना भी सुनिश्चित हुआ है। सरकार का कहना है कि पीडीएस के डिजिटलीकरण और सुधारों का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद लोगों तक अनाज की सही और समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।