सरकार का स्पष्टीकरण: ई-केवाईसी केवल उन ग्राहकों के लिए आवश्यक है जिनका वेरिफिकेशन नहीं हुआ
गैस कनेक्शन के बंद होने की अफवाहों पर सरकार की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने उन रिपोर्टों का खंडन किया है जिनमें कहा गया था कि ग्राहकों का गैस कनेक्शन काट दिया जाएगा यदि उन्होंने ई-केवाईसी नहीं कराया। पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी केवल उन ग्राहकों के लिए आवश्यक है जिनका अभी तक वेरिफिकेशन नहीं हुआ है। मंत्रालय ने कहा कि यह कोई नया नियम नहीं है, बल्कि यह एक पुराने अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक गैस ग्राहक अपना बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करवा लें ताकि सिस्टम में धोखाधड़ी न हो।
फर्जी ग्राहकों और कालाबाजारी पर नियंत्रण
सरकार ने बताया कि ई-केवाईसी का मुख्य उद्देश्य सिस्टम में पारदर्शिता लाना है। यह उन फर्जी गैस कनेक्शनों को हटाने में मदद करेगा जो किसी और के नाम पर चल रहे हैं। इसके साथ ही, यह एलपीजी की कालाबाजारी को रोकने में भी सहायक होगा।
कानूनी स्थिति
सुप्रीम कोर्ट के 2018 के निर्णय के अनुसार, सरकार केवल उन्हीं सेवाओं के लिए आधार को अनिवार्य कर सकती है जहां सब्सिडी सीधे दी जा रही हो। गैस कनेक्शन अपने आप में कोई सब्सिडी नहीं है। कोई भी व्यक्ति बाजार मूल्य पर कनेक्शन ले सकता है और करोड़ों लोग बिना किसी सरकारी सहायता के पूरी कीमत चुका कर गैस खरीदते हैं। इसलिए, आधार बायोमेट्रिक अनिवार्य करने का कोई कानूनी आधार नहीं है। कानून के अनुसार, ई-केवाईसी केवल उन लोगों के लिए आवश्यक है जो उज्ज्वला या पहल योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करते हैं।
ईरान संघर्ष के कारण एलपीजी संकट
अमेरिका-इजराइल के ईरान के साथ संघर्ष के कारण देशभर में एलपीजी की कमी हो गई है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी बढ़ गई है। इस स्थिति के कारण ई-केवाईसी से संबंधित खबरों ने अफरा-तफरी पैदा कर दी थी। हालांकि, सरकार के स्पष्टीकरण के बाद स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
