Newzfatafatlogo

सरकार की सख्ती से X प्लेटफॉर्म पर बड़ा बदलाव: 600 अकाउंट्स हटाए गए

केंद्र सरकार की सख्ती के चलते एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X ने 600 अकाउंट्स को स्थायी रूप से डिलीट कर दिया है और 3500 से अधिक अश्लील पोस्ट को हटा दिया है। IT मंत्रालय द्वारा दिए गए 72 घंटे के अल्टीमेटम के बाद यह कार्रवाई की गई है। AI चैटबॉट 'ग्रोक' पर महिलाओं और बच्चों की आपत्तिजनक तस्वीरें बनाने के आरोपों के चलते यह कदम उठाया गया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की गंभीरता।
 | 
सरकार की सख्ती से X प्लेटफॉर्म पर बड़ा बदलाव: 600 अकाउंट्स हटाए गए

केंद्र सरकार की कार्रवाई का असर

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के सख्त रुख के परिणामस्वरूप, एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (जिसे पहले ट्विटर के नाम से जाना जाता था) ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अश्लील सामग्री और नियमों के उल्लंघन के चलते, X ने 600 अकाउंट्स को स्थायी रूप से हटा दिया है। इसके साथ ही, 3500 से अधिक आपत्तिजनक पोस्ट भी प्लेटफॉर्म से हटा दी गई हैं। कंपनी ने सरकार को आश्वासन दिया है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर अश्लील सामग्री को अनुमति नहीं देगी और भारतीय कानूनों का पूरी तरह पालन करेगी।


IT मंत्रालय का अल्टीमेटम

IT मंत्रालय ने दिया था 72 घंटे का अल्टीमेटम


यह कार्रवाई केंद्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा जारी चेतावनी के एक सप्ताह बाद की गई है। मंत्रालय ने X के AI चैटबॉट 'ग्रोक' के माध्यम से महिलाओं की 'अपमानजनक या अश्लील' तस्वीरें और वीडियो बनाने पर कड़ी आपत्ति जताई थी। सरकार ने इसे AI का 'घोर दुरुपयोग' बताते हुए X को चेतावनी दी थी कि यदि 72 घंटे के भीतर नियमों का पालन नहीं किया गया, तो गंभीर कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। इस सख्त अल्टीमेटम के बाद ही प्लेटफॉर्म ने यह सफाई अभियान चलाया है।


ग्रोक AI पर गंभीर आरोप

एलोन मस्क के 'ग्रोक' AI पर गंभीर आरोप


विवाद की जड़ एलन मस्क के प्लेटफॉर्म पर मौजूद AI चैटबॉट 'ग्रोक' है। इस टूल पर महिलाओं और बच्चों की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें (Deepfakes) बनाने का आरोप लगा है। भारत के अलावा, फ्रांस, ब्राजील, मलेशिया और यूरोपीय संघ ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए ग्रोक की आलोचना की है। सरकारों का मानना है कि यह टूल सोशल मीडिया पर महिलाओं की सुरक्षा और गरिमा के लिए खतरा बनता जा रहा है।


AI फॉरेंसिक की रिपोर्ट

20 हजार तस्वीरों की जांच में चौंकाने वाला खुलासा


इस मामले की गंभीरता का अंदाजा 'एआई फॉरेंसिक' नामक गैर-लाभकारी समूह की एक रिपोर्ट से लगाया जा सकता है। समूह ने अपनी जांच में दावा किया कि उसने 25 दिसंबर से 1 जनवरी के बीच ग्रोक द्वारा जनरेट की गई 20,000 तस्वीरों का विश्लेषण किया। जांच में पाया गया कि इनमें से दो प्रतिशत तस्वीरें ऐसी थीं, जिनमें 18 वर्ष या उससे कम उम्र के किशोरों को बिकनी या पारदर्शी कपड़ों में बेहद आपत्तिजनक तरीके से दिखाया गया था। इसी डेटा के आधार पर सरकार ने प्लेटफॉर्म पर नकेल कसी है।