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सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी पर कसा शिकंजा, 300 वेबसाइट्स ब्लॉक की गईं

केंद्र सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 300 वेबसाइटों और एप्स को ब्लॉक किया है। अब तक कुल 8400 प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है। इस कार्रवाई का उद्देश्य डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाना और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाना है। प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। जानें इस नए कानून के तहत क्या सजा और जुर्माना हो सकता है।
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सरकार ने अवैध जुआ और सट्टेबाजी पर कसा शिकंजा, 300 वेबसाइट्स ब्लॉक की गईं

8400 प्लेटफॉर्म्स पर बैन का आंकड़ा


केंद्र सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। हाल ही में 300 वेबसाइटों और एप्स को ब्लॉक किया गया है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, जिनमें से लगभग 4900 वेबसाइटें ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद से ब्लॉक की गई हैं।


अवैध सट्टेबाजी के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई

सरकार के अनुसार, जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से संबंधित थे। इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग, ऑनलाइन कसीनो, पी-टू-पी बेटिंग एक्सचेंज, सट्टा/मटका नेटवर्क और रियल मनी कार्ड ऐप्स शामिल हैं।


अवैध लेनदेन पर रोकथाम

सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है।


ऑनलाइन गेमिंग बिल का महत्व

प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पारित हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना और 1 अक्टूबर से लागू किया गया। इस कानून में यह स्पष्ट किया गया है कि चाहे गेम्स स्किल-बेस्ड हों या चांस-बेस्ड, दोनों पर रोक है।


सजा और जुर्माने का प्रावधान

कोई भी मनी-बेस्ड गेम का संचालन, प्रचार या ऑफर करना गैरकानूनी है। हालांकि, ऑनलाइन गेम खेलने वालों को कोई सजा नहीं होगी। यदि कोई रियल-मनी गेम का प्रचार करता है, तो उसे 3 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। विज्ञापन चलाने वालों को 2 साल की जेल और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।


रेगुलेटरी अथॉरिटी की स्थापना

एक विशेष अथॉरिटी बनाई जाएगी, जो गेमिंग इंडस्ट्री को रेगुलेट करेगी, गेम्स को रजिस्टर करेगी और यह तय करेगी कि कौन सा गेम रियल-मनी गेम है। पबजी और फ्री फायर जैसे ई-स्पोर्ट्स और सोशल गेम्स को बढ़ावा दिया जाएगा, क्योंकि ये बिना पैसे वाले होते हैं।