सरकार ने एलपीजी वितरण में सुधार के लिए उठाए महत्वपूर्ण कदम
ऊर्जा आपूर्ति और गैस वितरण पर महत्वपूर्ण निर्णय
हाल ही में आयोजित इंटर-मिनिस्ट्रियल बैठक में, सरकार ने देश की ऊर्जा आपूर्ति और रसोई गैस वितरण प्रणाली के संबंध में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि घरेलू एलपीजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से सामान्य है और इसमें कोई कमी नहीं आई है। हालांकि, भविष्य में संभावित चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कुछ आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति
सरकार ने कमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब सभी राज्यों को पहले की तुलना में 10 प्रतिशत अधिक एलपीजी कोटा दिया जाएगा। इस फैसले से छोटे दुकानदारों, ढाबा संचालकों और रेस्टोरेंट मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो अक्सर त्योहारों या अचानक बढ़ी मांग के समय गैस की कमी का सामना करते थे। इस अतिरिक्त कोटे से उनकी समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। वर्तमान में देशभर में कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति बिना किसी रुकावट के जारी है।
गैस उत्पादन में वृद्धि
घरेलू गैस उत्पादन में भी सकारात्मक संकेत देखने को मिले हैं। सरकार के अनुसार, देश में एलपीजी उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो एक अच्छी खबर है। फिर भी, वैश्विक और घरेलू परिस्थितियों को देखते हुए स्थिति को पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। इसलिए, सरकार ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जहां पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, वहां वे धीरे-धीरे एलपीजी सिलेंडर के बजाय पीएनजी का उपयोग करें। इससे गैस वितरण पर दबाव कम होगा और उपभोक्ताओं को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक विकल्प मिल सकेगा।
नागरिकों से अपील
डिजिटल सेवाओं के उपयोग में भी काफी वृद्धि हुई है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, कुल एलपीजी बुकिंग में से 93 प्रतिशत ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है। सरकार ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे गैस एजेंसियों पर भीड़ न लगाएं और केवल आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ही बुकिंग करें। इसके साथ ही, किसी भी प्रकार की अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
गैस वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाए रखने और कालाबाजारी पर नियंत्रण रखने के लिए सख्ती भी बढ़ाई गई है। इस संदर्भ में, देशभर के लगभग 2300 एलपीजी आउटलेट्स पर अचानक निरीक्षण किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
