सरकारी स्कूलों में छात्राओं को मिलेगा पोषणयुक्त आहार
शिक्षा विभाग की नई पहल
सरकारी स्कूलों में 9वीं से 12वीं कक्षा की छात्राओं को पोषणयुक्त आहार प्रदान करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री दुग्ध उपहार योजना के अंतर्गत, यह सुविधा अब वरिष्ठ कक्षाओं की छात्राओं के लिए भी उपलब्ध होगी। शिक्षा विभाग ने इस योजना को अप्रैल से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले यह सुविधा केवल 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए थी, लेकिन अब इसे 12वीं कक्षा तक बढ़ा दिया गया है।
पोषण योजना का विवरण
इस योजना के तहत, छात्राओं को साल में 150 दिन पोषणयुक्त आहार दिया जाएगा। इसमें 75 दिन फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध और 75 दिन प्रोटीन मिल्क बार शामिल होंगे, जिससे उनके पोषण स्तर में सुधार लाने का प्रयास किया जाएगा। योजना के सफल कार्यान्वयन के लिए, शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों को विद्यालयवार और कक्षावार डिमांड तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए विभाग ने एक्सेल शीट भी भेजी है, जिसमें छात्राओं की संख्या का विवरण भरना होगा।
डिमांड सत्यापन की प्रक्रिया
स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी डिमांड का सत्यापन कर निदेशालय को भेजें। यदि किसी स्कूल की डिमांड में कोई बदलाव होता है, तो उसे शीट में हाइलाइट कर साझा करना अनिवार्य होगा। डिमांड तैयार करते समय वर्तमान शैक्षणिक सत्र के नामांकन को आधार बनाया गया है। 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या को 9वीं की संभावित संख्या माना गया है, जबकि 9वीं और 11वीं के नामांकन के आधार पर 10वीं और 12वीं कक्षा की अनुमानित संख्या तय की गई है। इस योजना से छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
