सर्दी और कोहरे के बीच नए साल की शुरुआत: मौसम की ताजा जानकारी
कोहरे और शीत लहर से जनजीवन प्रभावित, राहत की उम्मीद नहीं
नई दिल्ली: देश के उत्तरी क्षेत्र में इस समय भीषण ठंड ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। कोहरे और शीत लहर के कारण लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पहाड़ी क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बर्फबारी की संभावना है, जबकि उत्तरी भारत के मैदानी इलाकों में बारिश की भी उम्मीद जताई गई है। 31 दिसंबर को हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी के बाद मैदानों में ठंडी हवाएं चल रही हैं।
कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात पर गंभीर असर पड़ा है। घने कोहरे के चलते दिल्ली और श्रीनगर में 300 से अधिक उड़ानों पर प्रभाव पड़ा है। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर कम दृश्यता के कारण 148 उड़ानों को रद्द करना पड़ा, जिनमें 78 आगमन और 70 प्रस्थान वाली उड़ानें शामिल थीं। उत्तर भारत में अगले चार से पांच दिन तक घना कोहरा बना रह सकता है।
पंजाब और हरियाणा में ठंड का प्रकोप
मैदानी राज्यों में शीतलहर के कारण तापमान में गिरावट आई है। पंजाब के अमृतसर में तापमान 6.1 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि हरियाणा के रोहतक में न्यूनतम तापमान 4.2 डिग्री और राजस्थान के करौली में 4.6 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान और उत्तर प्रदेश में 1 जनवरी को हल्की बारिश की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है, जबकि बिहार में गंभीर शीत दिवस की चेतावनी दी गई है।
दिल्ली में ठंड का नया रिकॉर्ड
दिल्ली में 31 दिसंबर को पिछले छह वर्षों में सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान 6.4 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 0.4 डिग्री नीचे) और अधिकतम 14.2 डिग्री रहा, जो सामान्य से 6.2 डिग्री कम है। यह 2020 के बाद से सबसे कम अधिकतम तापमान है। गाजियाबाद में अधिकतम तापमान 13.9 डिग्री और न्यूनतम 7.4 डिग्री, जबकि नोएडा में अधिकतम तापमान 14.4 डिग्री और न्यूनतम 7.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी
कश्मीर घाटी के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ताजा हिमपात हुआ है, जिसमें बांदीपोरा का गुरेज, बारामूला का गुलमर्ग और कुपवारा का मच्छिल शामिल हैं। मौसम विभाग ने 1 और 2 जनवरी के दौरान जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बर्फबारी की संभावना जताई है।
