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सहरसा में ईंट भट्ठे पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर

बिहार के सहरसा में एक ईंट भट्ठे पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला सामने आया है। संचालक और उसके सहायक को गिरफ्तार किया गया है। एक महिला श्रमिक के विरोध के बाद यह मामला उजागर हुआ, जिसके बाद पुलिस ने सात नाबालिग लड़कियों को मुक्त कराया। आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। प्रशासन ने मजदूरों को सुरक्षित घर लौटाने की तैयारी शुरू कर दी है।
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सहरसा में ईंट भट्ठे पर नाबालिग लड़कियों के साथ दुष्कर्म का मामला उजागर

सहरसा में भट्ठे का काला सच


बिहार: बिहार के सहरसा में एक ईंट भट्ठे में चल रहे अवैध कार्यों ने सबको चौंका दिया है। धमसेनी भड़धरी क्षेत्र में स्थित इस भट्ठे के संचालक मु. आवेश करणी उर्फ चुन्ना मुखिया और उसके सहायक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि यहां काम करने वाली नाबालिग लड़कियों को डराकर और धमकाकर रात में अन्य स्थानों पर ले जाया जाता था, जहां उनके साथ दुष्कर्म किया जाता था। महिला श्रमिकों के साथ भी छेड़खानी की घटनाएं आम थीं, लेकिन आरोपी के आतंक के कारण कोई भी आवाज उठाने की हिम्मत नहीं कर पाता था।


इस मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब एक महिला श्रमिक ने साहस दिखाते हुए विरोध किया। आरोप है कि इसके बाद संचालक ने गोली चलाई, जिससे महिला घायल हो गई। यही घटना इस काले सच को उजागर करने का कारण बनी। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो मजदूरों ने जो जानकारी दी, वह चौंकाने वाली थी। मजदूरों के आवास के कमरों में फायरिंग के निशान भी मिले। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की और सात नाबालिग लड़कियों को वहां से मुक्त कराया, साथ ही उनकी काउंसलिंग भी शुरू की।


मजदूरों ने बताया कि वे कई वर्षों से वहां काम कर रहे थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य था, लेकिन धीरे-धीरे भट्ठे के संचालक का असली चेहरा सामने आने लगा। वह महिलाओं के साथ छेड़खानी करता और नाबालिग लड़कियों को जबरन ले जाता था। घायल महिला के बयान के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। आरोपियों के खिलाफ बच्चों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम और शस्त्र अधिनियम के तहत केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है।


यह भी चौंकाने वाला है कि आरोपी के खिलाफ पहले से 33 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से इलाके में आतंक का पर्याय बना हुआ था, लेकिन कोई भी खुलकर सामने नहीं आ रहा था। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस अवैध गतिविधि में और कौन लोग शामिल थे। घटना के बाद मजदूरों में भय का माहौल है और सभी अपने घर लौटने की मांग कर रहे हैं। प्रशासन ने उन्हें सुरक्षित वापस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है।