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साइबर सुरक्षा: APK फाइल डाउनलोड करने से बचें, पुलिस की चेतावनी

रेवाड़ी के पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने APK फाइल डाउनलोड करने के खतरों के बारे में चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी इन फाइलों के माध्यम से लोगों को ठगी और डेटा चोरी का शिकार बना रहे हैं। पुलिस ने आम जनता को सलाह दी है कि वे केवल आधिकारिक ऐप स्टोर्स से ऐप्स डाउनलोड करें और अज्ञात स्रोतों से दूर रहें। यदि कोई साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे तुरंत पुलिस से संपर्क करना चाहिए। जानें और भी सुरक्षा उपाय इस लेख में।
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साइबर सुरक्षा: APK फाइल डाउनलोड करने से बचें, पुलिस की चेतावनी

साइबर अपराध से बचाव के उपाय

रेवाड़ी: पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा, IPS ने आम जनता को चेतावनी देते हुए APK फाइल (थर्ड पार्टी ऐप) डाउनलोड करने के खतरों के बारे में साइबर एडवाइजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में साइबर अपराधी APK फाइलों के माध्यम से लोगों को ठगी और डेटा चोरी का शिकार बना रहे हैं।


पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि साइबर अपराधी फर्जी APK फाइलें, अज्ञात लिंक और नकली ऐप्स के जरिए मोबाइल में मैलवेयर इंस्टॉल कर देते हैं, जिससे यूजर की व्यक्तिगत जानकारी, बैंक विवरण, OTP और पासवर्ड चोरी हो सकते हैं। इस प्रकार की फाइलें डाउनलोड करने से मोबाइल का पूरा नियंत्रण साइबर अपराधियों के हाथ में जा सकता है।


रेवाड़ी पुलिस द्वारा दी गई सावधानियां:


केवल Google Play Store या Apple App Store जैसे आधिकारिक प्लेटफॉर्म से ऐप्स डाउनलोड करें। अज्ञात वेबसाइटों, सोशल मीडिया लिंक या व्हाट्सएप पर आई APK फाइलें डाउनलोड न करें। अपने मोबाइल में “Unknown Sources” (अज्ञात स्रोत) से इंस्टॉलेशन की अनुमति बंद रखें। ऐप डाउनलोड करने से पहले उसकी रेटिंग, रिव्यू और डेवलपर की जानकारी अवश्य जांचें। अपने मोबाइल में एंटीवायरस और सुरक्षा अपडेट हमेशा ऑन रखें। यदि कोई ऐप अनावश्यक परमिशन मांगे, तो उसे तुरंत अनइंस्टॉल करें।


अगर कोई व्यक्ति APK फाइल डाउनलोड करने के बाद साइबर ठगी या डेटा चोरी का शिकार हो जाता है, तो उसे तुरंत नजदीकी पुलिस थाना या साइबर थाना रेवाड़ी से संपर्क करना चाहिए या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवानी चाहिए।


पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा ने स्पष्ट किया कि रेवाड़ी पुलिस साइबर अपराधों पर लगातार निगरानी रख रही है और ऐसे मामलों में शामिल आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आम जनता की सतर्कता ही मोबाइल सुरक्षा और साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।