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सितंबर 2026 में भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी

सितंबर 2026 में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भागीदारी की संभावना है। यह सम्मेलन वैश्विक नेताओं के बीच महत्वपूर्ण चर्चा का मंच बनेगा। जानें इस सम्मेलन के महत्व और जिनपिंग के संभावित दौरे के बारे में।
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सितंबर 2026 में भारत में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की तैयारी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे प्रमुख नेता


नई दिल्ली: भारत इस साल सितंबर में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा, जिसमें विश्व के प्रमुख नेता एकत्रित होंगे। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ-साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल होंगे। इसके अलावा, अगले महीने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच भी मुलाकात की संभावना है।


भारत की मेज़बानी में दो दिवसीय सम्मेलन

भारत 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में दो दिवसीय ब्रिक्स सम्मेलन की मेज़बानी करने जा रहा है। इस बैठक में वैश्विक नेताओं की उपस्थिति की उम्मीद है, खासकर वर्तमान में चल रही वैश्विक उथल-पुथल के बीच। रूस ने पहले ही पुष्टि कर दी है कि राष्ट्रपति पुतिन इस सम्मेलन में भाग लेंगे।


शी जिनपिंग की भागीदारी पर चर्चा

रूसी मीडिया के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका में स्थित रूसी दूतावास और अन्य अधिकारियों ने पुतिन के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि की है। वहीं, शी जिनपिंग की भागीदारी को लेकर भी चर्चा हो रही है। एक समाचार पत्र में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जिनपिंग का यह दौरा सबसे अधिक चर्चित और बहुप्रतीक्षित है।


जिनपिंग का भारत दौरा

यदि जिनपिंग ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने नई दिल्ली आते हैं, तो यह उनका अक्टूबर 2019 के बाद पहला भारत दौरा होगा। उस समय, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ तमिलनाडु के मामल्लापुरम में मुलाकात की थी। गौरतलब है कि जून 2020 में लद्दाख की गलवान घाटी में भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच झड़पें हुई थीं, जिसके बाद भारत-चीन संबंधों में तनाव बढ़ गया था।