सिद्धारमैया: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बनने के रिकॉर्ड के करीब
सिद्धारमैया ने मुख्यमंत्री पद पर 2,792 दिन पूरे किए
सिद्धारमैया ने आज कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में 2,792 दिन पूरे कर लिए हैं। वह अब राज्य के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता बनने के लिए केवल एक दिन दूर हैं। सिद्धारमैया ने पूर्व मुख्यमंत्री देवराज उर्स के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है, जिन्होंने 1972-77 और 1978-80 के बीच दो कार्यकाल में मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। उन्हें सामाजिक न्याय और भूमि सुधारों का प्रमुख चेहरा माना जाता है।
राजनीतिक यात्रा की शुरुआत
सिद्धारमैया ने कर्नाटक में समाजवादी विचारधारा के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की। उन्होंने पहले जनता दल से जुड़कर राज्य की राजनीति में कदम रखा और पहली बार मैसूरु क्षेत्र से विधायक बने। इसके बाद वह कई बार विधानसभा में पहुंचे।
महत्वपूर्ण पदों पर कार्य
जनता दल (एस) के दौरान, सिद्धारमैया पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक रहे। उन्होंने उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। सिद्धारमैया गरीब किसान परिवार से आते हैं और जेडी(एस) में रहते हुए कांग्रेस विरोधी राजनीति के लिए जाने जाते थे।
मुख्यमंत्री पद के दावेदार
2004 में कांग्रेस-जेडी(एस) गठबंधन सरकार में, सिद्धारमैया मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार थे, लेकिन उन्हें यह अवसर नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पिछड़ा वर्ग राजनीति में खुद को स्थापित किया और अहिंदा (अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और दलित) मंच को आगे बढ़ाया।
सीएम बनने का सफर
सिद्धारमैया ने 2006 में कांग्रेस का दामन थामा और पार्टी में उनकी भूमिका लगातार मजबूत होती गई। 2013 में कांग्रेस की जीत के बाद, वह कर्नाटक के मुख्यमंत्री बने। यह उनका पहला पूर्ण कार्यकाल था। 2018 के बाद, वह विधानसभा में विपक्ष के वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय रहे और 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के बाद फिर से मुख्यमंत्री बने।
विधायक और बजट पेश करने का रिकॉर्ड
सिद्धारमैया अब तक नौ बार विधायक रह चुके हैं और 16 राज्य बजट पेश कर चुके हैं। उन्होंने संकेत दिए हैं कि यह उनका अंतिम मुख्यमंत्री कार्यकाल हो सकता है, हालांकि सक्रिय राजनीति में बने रहने को लेकर उन्होंने स्पष्ट रुख नहीं लिया है।
