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सीएजी रिपोर्ट में रक्षा क्षेत्र की खामियां उजागर, जवानों को समय पर नहीं मिले वेतन

भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) की हालिया रिपोर्ट में रक्षा क्षेत्र में कई गंभीर खामियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कई सैनिकों को समय पर वेतन और भत्ते नहीं मिले, साथ ही मिलिट्री अस्पतालों के रखरखाव में भी कमी पाई गई है। इसके अलावा, बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में भी खामियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट में सुधार के लिए कई सिफारिशें की गई हैं, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं। जानें पूरी रिपोर्ट में और क्या-क्या बातें सामने आई हैं।
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सीएजी रिपोर्ट में रक्षा क्षेत्र की खामियां उजागर, जवानों को समय पर नहीं मिले वेतन

मिलिट्री अस्पतालों में कमी की पहचान


सीएजी रिपोर्ट, नई दिल्ली: भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (सीएजी) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में रक्षा प्रणाली में कई महत्वपूर्ण खामियों का खुलासा हुआ है। इसमें उल्लेख किया गया है कि कई सैनिकों को उनके वेतन और भत्ते समय पर नहीं मिले। इसके अलावा, कई मिलिट्री अस्पतालों के रखरखाव में भी कमी पाई गई है। यह रिपोर्ट सोमवार को संसद में पेश की गई।


डिजिटाइजेशन की आवश्यकता

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सेना के निर्माण कार्यों से संबंधित साइट रिकॉर्ड्स को ठीक से प्रबंधित नहीं किया गया। इससे कार्य की गुणवत्ता और ठेकेदार की जिम्मेदारी को निर्धारित करना कठिन हो गया। आडिट ने रक्षा मंत्रालय को सलाह दी है कि वह साइट रिकॉर्ड्स को डिजिटाइज करे, जिसमें कार्य की प्रगति, सामग्री और परीक्षण रिपोर्टों की जानकारी शामिल होती है।


बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन में खामियां

आडिट में यह भी पाया गया कि कई स्थानों पर बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियमों का पालन नहीं किया गया। कुछ अस्पतालों में बिना लाइसेंस के एक्सरे मशीनें संचालित की जा रही थीं। वेस्टर्न कमांड में नियमों का उल्लंघन सबसे अधिक पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने कुछ सुधारात्मक कदम उठाए हैं, लेकिन कई समस्याएं अभी भी बनी हुई हैं।


प्रोविजनल फाइनल सेटलमेंट में देरी

रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रोविजनल फाइनल सेटलमेंट ऑफ अकाउंट्स की समीक्षा समय पर नहीं की गई, जिसके कारण रिटायरमेंट के समय अधिकारियों और अन्य कर्मियों से एक साथ बड़ी राशि की वसूली की गई। आईटी सिस्टम में आवश्यक नियमों का अभाव होने के कारण कई जवानों को समय पर वेतन और भत्ते नहीं मिले।


प्रिविलेज टिकट में देरी

प्रिविलेज टिकट आर्डर जारी करने में भी देरी हो रही है। एचआरएमएस सिस्टम में जानकारी सही से नहीं मिल रही, जिससे कई आवेदन खारिज हो रहे हैं। आडिट ने सुझाव दिया है कि विभिन्न सिस्टमों के बीच तालमेल को बेहतर बनाया जाए और रिजेक्ट मामलों की निगरानी के लिए एक ऑटोमेटेड सिस्टम विकसित किया जाए।


अन्य खामियां

रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत मिलिट्री अस्पतालों में कई समस्याएं पाई गईं। कई अस्पतालों की इमारतें पुरानी हैं और उनकी नियमित जांच नहीं हुई। जून 2022 में लैंसडाउन के एक मिलिट्री अस्पताल का हिस्सा गिर गया था। कई स्थानों पर हीटिंग, वेंटिलेशन, एयर कंडीशनिंग और फायरफाइटिंग सिस्टम भी अधूरे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल स्टोर्स डिपो मिलिट्री अस्पतालों की आवश्यक दवाएं पूरी नहीं कर पाए।