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सीएम धामी ने चंपावत में पूर्णागिरी मेले का उद्घाटन किया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर में मां पूर्णागिरी मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 27 फरवरी से 15 जून तक चलेगा, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। सीएम धामी ने इस अवसर पर कई विकास योजनाओं का लोकार्पण भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार इस प्रसिद्ध धाम को और भव्य बनाने के लिए प्रयासरत है। जानें इस मेले के महत्व और विकास योजनाओं के बारे में।
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सीएम धामी ने चंपावत में पूर्णागिरी मेले का उद्घाटन किया

पूर्णागिरी मेले का शुभारंभ

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चंपावत जिले के टनकपुर में उत्तर भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मां पूर्णागिरि मेले का उद्घाटन किया। यह मेला 27 फरवरी से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा। हर साल लाखों श्रद्धालु इस मेले में मां के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सीएम धामी ने 2021 से इस मेले का उद्घाटन करने की परंपरा शुरू की है। आज उन्होंने कई विकास योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।


सीएम धामी ने शुक्रवार को चंपावत जिले के टनकपुर में पहुंचकर मां पूर्णागिरी मेले का विधिवत पूजा अर्चना के साथ शुभारंभ किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा भी उपस्थित थे। सीएम ने कहा कि उन्हें गर्व है कि वह लगातार इस मेले में शामिल हो रहे हैं।


उन्होंने कहा कि मां पूर्णागिरी के दरबार में आकर उन्हें शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है। बचपन से ही मां शारदा और मां पूर्णागिरी का आशीर्वाद उनके साथ रहा है। प्रदेश सरकार इस प्रसिद्ध धाम को दिव्य और भव्य बनाने के लिए प्रयासरत है। टनकपुर से मां पूर्णागिरी धाम तक स्थाई पथ प्रकाश व्यवस्था जल्द ही की जाएगी। प्रशासन मेला क्षेत्र में इंट्रीग्रेटेड क्राउड मैनेजमेंट पर भी काम कर रहा है। शारदा रिवर फ्रंट के तहत इस क्षेत्र का विकास किया जा रहा है। इसके अलावा चंपावत में गोलज्यू कॉरिडोर के तहत 430 करोड़ की लागत से कार्य चल रहा है।


सीएम धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रमुख धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मेला साल भर चले, इसके लिए मेला क्षेत्र में विकास कार्य किए जा रहे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए पथ प्रकाश, पेयजल, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को बेहतर किया जा रहा है, ताकि उत्तर भारत के इस मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालु मां पूर्णागिरी के सुगम दर्शन के बाद चंपावत जिले के अन्य धार्मिक स्थलों का आनंद ले सकें।