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सीएम धामी ने राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ किया, न्याय की सुलभता को बढ़ावा

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री धामी ने राजस्व लोक अदालत का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य न्याय व्यवस्था को सरल और सुलभ बनाना है। इस पहल के तहत, 210 स्थानों पर एक साथ न्यायालय का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 6,933 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा। सीएम ने न्याय की सुलभता को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों की घोषणा की है, जिसमें भूमि विवादों और अन्य मामलों का समयबद्ध निस्तारण शामिल है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में अधिक जानकारी।
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सीएम धामी ने राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ किया, न्याय की सुलभता को बढ़ावा

राजस्व लोक अदालत का शुभारंभ

उत्तराखंड: मुख्यमंत्री धामी ने न्याय व्यवस्था को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए राजस्व लोक अदालत का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आम जनता को समय पर न्याय प्रदान करना है। यह पहल न्याय सुलभता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत को आगे बढ़ाती है।


सीएम ने बताया कि यह लोक अदालत उन राजस्व विवादों के त्वरित समाधान के लिए आयोजित की गई है जो वर्षों से लंबित हैं। राजस्व विवाद केवल कागजी कार्यवाही नहीं होते, बल्कि इनमें किसानों की भूमि, परिवारों की आजीविका और व्यक्तियों का आत्मसम्मान भी शामिल होता है। प्रदेश में 400 से अधिक राजस्व न्यायालय हैं, जिनमें लगभग 50,000 मामले लंबित हैं।


इन समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने राजस्व लोक अदालत की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य सरलता, समाधान और संतोष के मूल मंत्र पर आधारित है। सीएम ने कहा कि न्याय आपके द्वार की अवधारणा को साकार करते हुए प्रदेश के सभी 13 जिलों में 210 स्थानों पर एक साथ राजस्व लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लगभग 6,933 मामलों का त्वरित निस्तारण किया जाएगा।


इस पहल के तहत भूमि विवादों के अलावा अन्य मामलों जैसे आबकारी, खाद्य, स्टाम्प, और विद्युत अधिनियम का भी समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा। राज्य सरकार मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस के सिद्धांत के अनुसार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए प्रयासरत है।


सीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अविवादित विरासत के मामलों में नामांतरण की प्रक्रिया समय सीमा के भीतर पूरी की जाए। उन्होंने विवादित भूमि की पैमाइश और कब्जों से संबंधित मामलों को एक माह के भीतर निपटाने के निर्देश भी दिए। पारदर्शिता और निष्पक्षता लोक अदालत की प्रमुख विशेषताएं हैं, जहां सभी पक्षों को सुनकर न्याय किया जाता है।


मुख्य सचिव आनंद बर्धन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार राजस्व वादों का तेजी से निस्तारण किया जाएगा और भूमि से जुड़े विवादों को प्राथमिकता दी जाएगी।