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सीएम योगी ने साइबर अपराध के खिलाफ जनता को किया जागरूक

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र 'योगी की पाती' के माध्यम से जनता को साइबर अपराध के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने बताया कि सरकार इस समस्या से निपटने के लिए कई कदम उठा रही है, जैसे कि सभी जनपदों में साइबर क्राइम थाने और हेल्प डेस्क की स्थापना। सीएम ने लोगों को सावधान रहने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करने की सलाह दी। यदि कोई साइबर अपराध का शिकार होता है, तो उसे तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करने की सलाह दी गई है।
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सीएम योगी ने साइबर अपराध के खिलाफ जनता को किया जागरूक

सीएम योगी का पत्र: साइबर अपराध से बचने के उपाय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को जनता के नाम एक पत्र 'योगी की पाती' जारी किया। इस पत्र में उन्होंने 'साइबर अपराध की चुनौतियों' के प्रति लोगों को सचेत किया है। सीएम योगी ने बताया कि इस समस्या से निपटने के लिए सरकार कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।


पत्र में उन्होंने लिखा, "मोबाइल और कंप्यूटर ने हमारे जीवन को सरल बनाया है, लेकिन इसके साथ ही साइबर अपराध की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। आपकी सरकार इस समस्या को रोकने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है।"


सीएम ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में केवल 2 साइबर क्राइम थाने थे, जबकि अब सभी 75 जनपदों में साइबर क्राइम थाने सक्रिय हैं। इसके अलावा, सभी जनपदीय थानों में साइबर हेल्प डेस्क भी स्थापित की गई है। साइबर ठगों के खिलाफ जागरूकता और सतर्कता सबसे प्रभावी उपाय हैं। ये अपराधी 'डिजिटल अरेस्ट' जैसे झूठे शब्दों का इस्तेमाल कर निर्दोष नागरिकों को डराते हैं और उनसे पैसे वसूलते हैं। किसी भी कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' की कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस या कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल, वॉट्सऐप, या सोशल मीडिया के माध्यम से किसी को गिरफ्तार नहीं करती और न ही पैसे की मांग करती है।


सीएम योगी ने सोशल मीडिया के उपयोग में सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जो तस्वीरें, वीडियो या लोकेशन आप साझा करते हैं, उनके माध्यम से अपराधी आपके बारे में जानकारी जुटाते हैं और इसका दुरुपयोग करते हैं। व्यक्तिगत जानकारी या ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। यदि फिर भी साइबर अपराध का शिकार हो जाते हैं, तो तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर रिपोर्ट करें।


उन्होंने कहा कि जितनी जल्दी आप पुलिस को सूचित करेंगे, बचाव की संभावना उतनी ही अधिक होगी। जागरूक रहें और अपने आसपास के लोगों, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों को भी जागरूक करें। आइए, हम सब मिलकर एक सुरक्षित और साइबर अपराध-मुक्त उत्तर प्रदेश का निर्माण करें।