सीबीआई ने NEET पेपर लीक मामले में की जांच तेज, प्रोफेसर हिरासत में
NEET पेपर लीक की जांच में नया मोड़
नई दिल्ली : केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले में अपनी जांच को और तेज कर दिया है। पुणे के एक प्रमुख कॉलेज की प्रोफेसर मनीषा मांढरे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। इस मामले में चल रही जांच के तहत, सीबीआई अधिकारियों ने शनिवार को मांढरे के निवास पर पूछताछ की।
सूत्रों के अनुसार, आरोपियों ने परीक्षा के कुछ महत्वपूर्ण प्रश्नों को लीक करने के लिए विषयों का बंटवारा किया था। केमिस्ट्री से संबंधित प्रश्नों की जिम्मेदारी प्रह्लाद कुलकर्णी पर थी, जबकि प्रोफेसर मनीषा मांढरे ने बॉयोलाजी के प्रश्नों को संभाला।
जांचकर्ताओं को संदेह है कि परीक्षा के प्रश्न एक एजेंट नेटवर्क के माध्यम से लीक हुए थे, जिसमें मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे और शुभम खैरनार शामिल थे। इसके बाद ये प्रश्न छात्रों के बीच वितरित किए गए। सूत्रों का कहना है कि मनीषा वाघमारे और प्रह्लाद कुलकर्णी की पहचान लातूर के दिनों से है। कुलकर्णी और मांढरे भी NEET परीक्षाओं के लिए प्रश्न पत्र सेट करने में एक-दूसरे से जुड़े हुए थे।
जांच के दौरान यह भी पता चला कि मांढरे बाद में पुणे के बिबवेवाड़ी क्षेत्र में गंगा ओशियाना सोसाइटी में रहने लगीं, जहां मनीषा वाघमारे पहले से ही निवास कर रही थीं। मांढरे कथित तौर पर अपने घर पर कोचिंग क्लास चलाती थीं, जबकि वाघमारे दोनों के संपर्क में रहती थीं।
जांच टीम ने खुलासा किया कि मांढरे और कुलकर्णी अपने घरों से कोचिंग क्लास चलाते थे। वाघमारे अक्सर दोनों के घर पर जाती थीं। लीक हुआ पेपर कई एजेंटों के माध्यम से आगे बढ़ाया गया। मनीषा वाघमारे ने वह पेपर धनंजय लोखंडे को दिया, जिसने उसे नासिक के शुभम खैरनार को सौंपा।
इसके बाद शुभम खैरनार ने पेपर को गुरुग्राम के यश यादव तक पहुंचाया। वहां से यश यादव ने इसे राजस्थान के सीकर के बिवाल भाइयों के साथ साझा किया। सीबीआई इस नेटवर्क के पूरे दायरे का पता लगाने और कथित पेपर लीक रैकेट में शामिल अन्य व्यक्तियों की पहचान करने के लिए जांच कर रही है।
