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सीबीआई ने यूएई से वांटेड अपराधी अनिल कुमार रेड्डी को किया प्रत्यर्पित

सीबीआई ने एक महत्वपूर्ण ऑपरेशन में वांछित अपराधी अनिल कुमार रेड्डी को यूएई से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता हासिल की है। अनिल पर धोखाधड़ी और आपराधिक गतिविधियों के आरोप हैं। इस प्रक्रिया में इंटरपोल की मदद से रेड नोटिस जारी किया गया था। इसके अलावा, सीबीआई ने हाल ही में अन्य तीन वांछित व्यक्तियों को भी मलेशिया से भारत लाने में सफलता प्राप्त की। जानें इस ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी और सीबीआई की कार्यवाही के बारे में।
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सीबीआई ने यूएई से वांटेड अपराधी अनिल कुमार रेड्डी को किया प्रत्यर्पित

अनिल कुमार रेड्डी की गिरफ्तारी

नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वांछित अपराधी अनिल कुमार रेड्डी को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से गिरफ्तार कर भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। अनिल कुमार पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी देने के आरोप हैं। सीबीआई ने इस संबंध में जानकारी साझा की।


सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से यूएई में अनिल कुमार रेड्डी येद्दुला की वापसी का समन्वय किया। इसके लिए सीबीआई की इंटरनेशनल पुलिस कोऑपरेशन यूनिट (आईपीयूसी) ने विदेश मंत्रालय (एमईए) और एनसीबी-अबू धाबी के सहयोग से रेड नोटिस जारी किया था। यह रेड नोटिस आंध्र प्रदेश पुलिस के अनुरोध पर 5 सितंबर 2022 को जारी किया गया था।


यूएई के अधिकारियों ने अनिल को गिरफ्तार किया और उसे भारतीय एजेंसी को सौंपने का निर्णय लिया। गुरुवार को दुबई पुलिस की एक टीम ने अनिल कुमार रेड्डी को दुबई से हैदराबाद के राजीव गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लाया। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे आंध्र प्रदेश पुलिस को सौंप दिया गया।


अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन में सफलता

पिछले महीने, सीबीआई ने एनसीबी-कुआलालंपुर के सहयोग से एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत तीन रेड नोटिसधारी व्यक्तियों, श्रीधरन सुब्रमण्यम, प्रतीफकुमार सेल्वराज और नवींद्रन राज कुमारसन को भारत से मलेशिया भेजा गया।


मलेशियाई अधिकारियों के अनुसार, ये तीनों व्यक्ति संगठित आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे। इन पर आरोप है कि उन्होंने अवैध रूप से आर्थिक लाभ और शक्ति प्राप्त करने का प्रयास किया। एनसीबी-कुआलालंपुर ने बताया कि जब ये लोग यूनाइटेड किंगडम से भारत पहुंचे, तो मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें रेड नोटिस के आधार पर प्रवेश की अनुमति नहीं दी।


इसके बाद, मलेशियाई अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई के लिए इन व्यक्तियों को मलेशिया भेजने के लिए एनसीबी-नई दिल्ली से औपचारिक अनुरोध किया। इस अनुरोध के तहत रॉयल मलेशिया पुलिस की एक एस्कॉर्ट टीम 25 जनवरी को मुंबई पहुंची। एनसीबी-नई दिल्ली और अन्य संबंधित भारतीय एजेंसियों के समन्वय से पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया गया और तीनों वांछित व्यक्तियों को सुरक्षित रूप से मलेशिया भेज दिया गया।