सीबीएसई चेयरमैन और सचिव का तबादला, ओएसएम प्रणाली पर विवाद बढ़ा
सीबीएसई में प्रशासनिक बदलाव
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली को लेकर उठे विवाद के चलते केंद्र सरकार ने मंगलवार को महत्वपूर्ण प्रशासनिक कदम उठाते हुए सीबीएसई के चेयरमैन और सचिव का तबादला कर दिया। इसके साथ ही ओएसएम सेवाओं की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक विशेष समिति का गठन भी किया गया है।
यह निर्णय तब लिया गया जब छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया पर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे।
2 जून को संसद की शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी स्थायी समिति ने सीबीएसई की कक्षा 12 बोर्ड परीक्षाओं में लागू ओएसएम प्रणाली और कक्षा 9 एवं 10 में तीन-भाषा सूत्र के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। इस बैठक में छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों द्वारा उठाई गई शिकायतों और चिंताओं पर चर्चा की गई।
बैठक का मुख्य मुद्दा कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में अपनाई गई ओएसएम प्रणाली थी। इस प्रणाली के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल रूप में परीक्षकों को उपलब्ध कराया जाता है, जिससे वे कंप्यूटर स्क्रीन पर उत्तरों का मूल्यांकन करते हैं। सीबीएसई का दावा है कि इससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और मानकीकृत होती है।
हालांकि, इसके लागू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्रों ने मूल्यांकन से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराईं। कई छात्रों का आरोप है कि उनके प्राप्तांक उत्तर पुस्तिका में लिखे गए उत्तरों के अनुरूप नहीं हैं। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि जिस उत्तर पुस्तिका का मूल्यांकन किया गया, वह उनकी नहीं थी। इसी कारण प्रभावित छात्रों को संसदीय समिति के सामने अपनी बात रखने का अवसर दिया गया।
छात्रों और अभिभावकों ने पुनर्मूल्यांकन एवं उत्तर पुस्तिका सत्यापन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी का मुद्दा भी उठाया। शिकायतों में उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की गुणवत्ता, डिजिटल मूल्यांकन के दौरान संभावित तकनीकी त्रुटियां, अंक अपलोडिंग में गड़बड़ी की आशंकाएं और परिणाम सत्यापन प्रक्रिया की जटिलता शामिल थीं।
