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सीबीएसई ने छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल किया सक्रिय

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को सक्रिय कर दिया है। यह पोर्टल उन विद्यार्थियों के लिए राहत की खबर है जो अपने परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं थे। सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है और आवेदन प्रक्रिया को समझाने के लिए एक वीडियो भी जारी किया है। पहले यह पोर्टल 29 मई को खुलने वाला था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसकी तिथि बढ़ाकर 1 जून की गई थी। अब, छात्रों को लॉगिन करने में कोई समस्या नहीं होगी।
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सीबीएसई ने छात्रों के लिए वेरिफिकेशन और पुनर्मूल्यांकन पोर्टल किया सक्रिय

सीबीएसई का नया पोर्टल छात्रों के लिए राहत

नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के लाखों विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। जिन छात्रों को अपने बोर्ड परीक्षा परिणाम से असंतोष था और जो अंक सत्यापन (वेरिफिकेशन) और पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) प्रक्रिया का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए बोर्ड ने आधिकारिक रूप से वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन पोर्टल को सक्रिय कर दिया है।


यह पोर्टल अब कार्यशील है। सीबीएसई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से जानकारी दी कि अंक सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। छात्रों को आवेदन प्रक्रिया को समझाने के लिए एक वीडियो भी साझा किया गया है। पोस्ट में छात्रों से अनुरोध किया गया है कि वे वीडियो को ध्यान से देखें ताकि आवेदन से संबंधित सभी चरणों को समझ सकें।


गौरतलब है कि सीबीएसई ने पहले इस पोर्टल को 29 मई को खोलने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में इसे 1 जून तक बढ़ा दिया गया। बोर्ड ने स्पष्ट किया था कि छात्रों को एक पारदर्शी और तकनीकी खामियों से मुक्त प्रणाली प्रदान करने के लिए अतिरिक्त समय की आवश्यकता थी। हालांकि, 1 जून को सुबह से पोर्टल में तकनीकी समस्याएं आईं, जिससे छात्रों को लॉगिन करने में कठिनाई हुई। अब 2 जून को पोर्टल को सफलतापूर्वक सक्रिय कर दिया गया है।


सीबीएसई ने बताया कि परीक्षा सेवाओं के लिए उपयोग किए जाने वाले ऑनमार्क पोर्टल में आई कमियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उन्हें सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकारी एजेंसियों और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ भी प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने में लगे हुए हैं।


यह जानकारी 12वीं कक्षा के मूल्यांकन के लिए हाल ही में लागू की गई ऑनस्क्रीन मार्किंग (ओएसएम) प्रणाली के संदर्भ में उठे सवालों के बीच आई है। तकनीकी समस्याओं और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं के कारण इस प्रणाली की आलोचना भी की गई थी। बोर्ड ने एक बयान में कहा कि वे अपने सर्विस प्रोवाइडर के ऑनमार्क पोर्टल में उन कमजोरियों पर ध्यान दे रहे हैं, जिन्हें सार्वजनिक रूप से उजागर किया गया है।


सीबीएसई अधिकारियों के अनुसार, प्रणाली की विश्वसनीयता को बढ़ाने, साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और मूल्यांकन प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं का समाधान करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसके साथ ही परीक्षा सेवाओं की शुचिता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।