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सुकेत देवता मेले का भव्य उद्घाटन, रघुबीर सिंह बाली ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

सुंदरनगर में सुकेत देवता मेले का भव्य उद्घाटन रघुबीर सिंह बाली द्वारा किया गया। इस अवसर पर उन्होंने मेले के सांस्कृतिक महत्व और परंपराओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बाली ने मेले में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं की संख्या और हिमाचल की देव संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए कई घोषणाएं की। इस मेले का आयोजन 180 वर्षों के बाद विशेष रूप से करसोग क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं के साथ हुआ। जानें इस मेले के बारे में और क्या खास घोषणाएं की गईं।
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सुकेत देवता मेले का भव्य उद्घाटन, रघुबीर सिंह बाली ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

सुकेत देवता मेले का शुभारंभ

सुन्दरनगर: प्रदेश पर्यटन विकास निगम के अध्यक्ष और नगरोटा बगवां विधानसभा क्षेत्र के विधायक रघुबीर सिंह बाली ने आज सुन्दरनगर में राज्य स्तरीय सुकेत देवता मेले का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने शुकदेव वाटिका में देवी-देवताओं की पूजा की और शुकदेव वाटिका से जवाहर पार्क तक भव्य शोभायात्रा में भाग लिया। इसके बाद, जवाहर पार्क में मेले का ध्वज फहराकर औपचारिक उद्घाटन किया गया।


आर.एस. बाली ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मेलों की समृद्ध परंपरा में सुकेत देवता मेला एक विशेष स्थान रखता है। यह मेला शुकदेव ऋषि की तपोस्थली में आयोजित होता है और देव आस्था तथा परंपरा का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने कहा कि ये मेले हमारी समृद्ध संस्कृति और सभ्यता का प्रतीक हैं, जो आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने के साथ-साथ सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


उन्होंने आगे कहा कि हिमाचल प्रदेश के मेले और त्योहार अपनी विशिष्टता के लिए जाने जाते हैं और राज्य की सांस्कृतिक धरोहर को संजोए हुए हैं। सुकेत देवता मेला प्राचीन काल से मनाया जा रहा है, जिसमें सुकेत रियासत के विभिन्न देवी-देवता भाग लेते हैं। इस बार, 180 वर्षों के बाद उपमंडल करसोग के महोग क्षेत्र से गढ़पति नाग चवासी ने मेले में भाग लिया।


आर.एस. बाली ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार की ओर से शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देवी-देवताओं के साथ हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी हिमाचल की परंपरा और संस्कृति को सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि इन परंपराओं को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखना आवश्यक है, क्योंकि यही हमारी पहचान का आधार हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में वर्षभर उत्सव और त्योहार पूरे उत्साह के साथ मनाए जाते हैं, जो हमारी आस्था, मूल्यों और आकांक्षाओं को अभिव्यक्त करते हैं। मेले और त्योहार समाज में नई ऊर्जा का संचार करते हैं और सभी को इनमें सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।


बाली ने कहा कि यह मेला बाहरी राज्यों से आने वाले पर्यटकों को हिमाचल की देव संस्कृति से परिचित कराएगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी सुदृढ़ करेगा। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि आज भी इस मेले में पुरातन परंपराओं का निर्वहन किया जा रहा है। इस अवसर पर उन्होंने सुकेत सर्व देवता कमेटी को 51 हजार रुपये देने की घोषणा भी की।


उन्होंने बताया कि हिमाचल सरकार द्वारा पर्यटन विभाग के बंद हो चुके होटलों को पुनः शुरू करने का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, शिव धाम मंडी को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है, जिसके लिए 33 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है और कार्य प्रगति पर है।


उपमंडलाधिकारी सुंदरनगर एवं मेला समिति के अध्यक्ष अमर नेगी ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए उपस्थित जनसमूह को मेले की शुभकामनाएं दीं।


इस अवसर पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के अध्यक्ष लाल सिंह कौशल, जिला मंडी कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष चंपा ठाकुर, नाचन विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी नरेश चौहान, प्रदेश कांग्रेस कमेटी सिराज के सचिव महेंद्र ठाकुर, एपीएमसी निदेशक मंडल के सदस्य निक्कू राम सैणी, मिल्क फेड के निदेशक संजय मेहता, युवा कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष मुकुल शर्मा, जिला एनएसयूआई के अध्यक्ष अनीत जसवाल, डीएसपी सुंदरनगर भारत भूषण तथा सुकेत सर्व देवता कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सोनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।