Newzfatafatlogo

सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को दी अग्रिम जमानत, असम के मुख्यमंत्री को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की भाषा को अशोभनीय करार दिया। खेड़ा ने सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पुलिस ने उनके घर पर छापा मारा। कोर्ट ने कहा कि आरोप राजनीति से प्रेरित लगते हैं, लेकिन खेड़ा को जांच में सहयोग करना होगा। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के निर्देश।
 | 
सुप्रीम कोर्ट ने पवन खेड़ा को दी अग्रिम जमानत, असम के मुख्यमंत्री को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय

नई दिल्ली। कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की कड़ी आलोचना की है। अदालत ने कहा कि एक संवैधानिक पद पर रहते हुए उनकी भाषा अस्वीकार्य है और इसे 'अशोभनीय' करार दिया। गुरुवार को हुई सुनवाई में खेड़ा के वकील अभिषेक सिंघवी ने अदालत में समाचार पत्रों के कटिंग पेश किए, जिनमें सरमा का बयान शामिल था। अदालत ने उस दिन सुनवाई के बाद अपना निर्णय सुरक्षित रख लिया था।


खेड़ा के आरोप और पुलिस कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को अपना निर्णय सुनाते हुए पवन खेड़ा को अग्रिम जमानत प्रदान की। खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री की पत्नी पर तीन विदेशी पासपोर्ट रखने और अमेरिका में 50 हजार करोड़ की कंपनी होने का आरोप लगाया था। यह आरोप उन्होंने पांच अप्रैल को दिल्ली और गुवाहाटी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में लगाए थे। इसके बाद रिंकी भुइयां सरमा ने उनके खिलाफ गुवाहाटी में एफआईआर दर्ज कराई, जिसके चलते असम पुलिस ने सात अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित निवास पर छापा मारा।


कोर्ट के निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोप और प्रत्यारोप राजनीति से प्रेरित प्रतीत होते हैं। हालांकि, पवन खेड़ा को असम पुलिस की जांच में सहयोग करना होगा और उन्हें बिना अदालत की अनुमति के देश छोड़ने की अनुमति नहीं है। कोर्ट के निर्णय के बाद, जयराम रमेश और अभिषेक सिंघवी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि 60 पुलिसकर्मियों को खेड़ा के घर भेजा गया था, जिसका उद्देश्य केवल डराना और उत्पीड़न करना था।