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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को कड़ी फटकार लगाई है, यह कहते हुए कि उन्हें अपनी स्थिति को लेकर विनम्र रहना चाहिए। अदालत ने मुख्य सचिव के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका फोन अक्सर बंद रहता है, जिससे उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। इस मामले में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने की घटना के बाद यह सुनवाई हुई। जानें इस महत्वपूर्ण मामले के सभी पहलू।
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सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को सख्त चेतावनी दी है। अदालत ने कहा कि उन्हें अपनी स्थिति को लेकर थोड़ा विनम्र रहना चाहिए, ताकि वे इतने ऊंचे न हो जाएं कि उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी उनसे संपर्क न कर सकें। यह टिप्पणी मालदा में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाए जाने के मामले की सुनवाई के दौरान की गई।


जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने मुख्य सचिव के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनका फोन अक्सर बंद रहता है, जिससे यहां तक कि कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश भी उनसे संपर्क नहीं कर पा रहे हैं। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने बताया कि इस प्रकार की नौकरशाही की जिद का सामना अन्य राज्यों में भी किया जा रहा है। उन्होंने मुख्य सचिव से पूछा, 'क्या आप मुख्य न्यायाधीश को भी गंभीरता से नहीं लेते? वह भी आपसे संपर्क नहीं कर सकते।'


मुख्य सचिव ने उत्तर दिया कि उनका नंबर हमेशा मुख्य न्यायाधीश के लिए उपलब्ध है और उन्होंने एक और नंबर का उल्लेख किया जो अधिक सुरक्षित और बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करता है। इस पर जस्टिस बागची ने कहा, 'आपकी सुरक्षा कुछ अधिक है। आप इतने ऊंचे नहीं हो सकते कि मुख्य न्यायाधीश की आप तक पहुंच न हो। खुद को कम ऊंचा रखिए, ताकि आम सेवक जैसे कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आपसे संपर्क कर सकें।' चीफ जस्टिस ने मुख्य सचिव को सलाह दी कि उन्हें उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से माफी मांगनी चाहिए। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मालदा में सात न्यायिक अधिकारियों को बंधक बना लिया गया था, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को हस्तक्षेप करना पड़ा था।