सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका खारिज की
ज्योति मल्होत्रा की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
नई दिल्ली - पाकिस्तान को खुफिया जानकारी देने के आरोप में गिरफ्तार ट्रैवल व्लॉगर और यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका मिला है। सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को उनकी जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित है और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने कहा कि ज्योति मल्होत्रा पर पड़ोसी देश को संवेदनशील जानकारी देने के गंभीर आरोप हैं।
अदालत ने इसे एक गंभीर मामला मानते हुए कहा कि उन्हें जमानत देने का कोई आधार नहीं है। शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया, "हम नहीं मानते कि इस मामले में जमानत दी जानी चाहिए। उन्हें मुकदमे का सामना करना होगा।" ज्योति मल्होत्रा हरियाणा के हिसार की निवासी हैं और यूट्यूब पर 'ट्रैवल विथ जो' नामक एक लोकप्रिय ट्रैवल चैनल चलाती थीं, जिसने उन्हें बड़ी संख्या में दर्शक और फॉलोअर्स दिलाए। हालांकि, उन पर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
हरियाणा पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने लंबे समय तक उनकी निगरानी की और 16 मई 2025 को उन्हें हिसार स्थित उनके घर से गिरफ्तार किया। जांच एजेंसियों का कहना है कि ज्योति मल्होत्रा लगातार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों और हैंडलर्स के संपर्क में थीं। उन पर आरोप है कि उन्होंने भारत से जुड़ी कई संवेदनशील और प्रतिबंधित जानकारियां पाकिस्तानी एजेंटों को दीं। इसी आधार पर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े गंभीर प्रावधानों के तहत जांच की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट के जमानत देने से इनकार करने के बाद, अब ज्योति मल्होत्रा को ट्रायल कोर्ट में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा।
