सुप्रीम कोर्ट ने समयबद्ध मामलों की याचिका खारिज की, वकीलों के साथ टकराव से बचने की बात कही
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने समयबद्ध मामलों के निपटारे की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। इसके साथ ही, देशभर के न्यायालयों में स्थगन पर गाइडलाइन बनाने की मांग पर सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया।
बेंच ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा कि वे वकीलों के साथ दुश्मनी नहीं रखना चाहते और उन्हें अपने मित्र मानते हैं। यह याचिका एक वकील द्वारा दायर की गई थी, जिसमें जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहन शामिल थे।
राष्ट्रीय केस फ्लो प्रबंधन नीति की मांग
याचिका में सभी अदालतों के लिए एक समान राष्ट्रीय केस फ्लो प्रबंधन नीति बनाने की मांग की गई थी। इसमें मामलों की सुनवाई के विभिन्न चरणों के लिए समयसीमा निर्धारित करने का सुझाव दिया गया था।
इसके अलावा, स्थगन को नियंत्रित करने, उपयुक्त मामलों में लगातार सुनवाई कराने और लंबित मामलों को प्राथमिकता देने की व्यवस्था की मांग की गई थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इन मांगों पर कोई दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया।
