Newzfatafatlogo

सुप्रीम कोर्ट में CJP के खिलाफ याचिका पर CJI सूर्यकांत का बयान

सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ दायर याचिका पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत ने चिंता न करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि इस मामले की तत्काल सुनवाई की आवश्यकता नहीं है। याचिका में CJP की गतिविधियों की CBI जांच की मांग की गई थी। CJI ने विवादित टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि उन्होंने केवल उन लोगों की आलोचना की थी जो नकली डिग्री लेकर वकालत कर रहे हैं। उन्होंने भारतीय युवाओं पर गर्व व्यक्त किया और उनके भविष्य की अहमियत को बताया।
 | 
सुप्रीम कोर्ट में CJP के खिलाफ याचिका पर CJI सूर्यकांत का बयान

सुप्रीम कोर्ट में CJP के खिलाफ याचिका

सुप्रीम कोर्ट में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के खिलाफ एक याचिका दायर की गई थी। इस पर चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है और तत्काल सुनवाई की कोई आवश्यकता नहीं है। कोर्ट ने कहा कि इसे बाद में देखा जाएगा। याचिका में मांग की गई थी कि इस पार्टी की जांच की जाए और इससे जुड़े व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।


याचिका में उठाए गए मुद्दे

याचिका दायर करने वाले ने तीन प्रमुख मांगें रखी थीं। पहली मांग थी कि CJP से संबंधित सभी गतिविधियों की जांच CBI द्वारा की जाए। दूसरी मांग थी कि कोर्ट में जो भी जज बोलें, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो लोग अपने व्यवसाय के लिए गलत फायदा उठा रहे हैं। तीसरी मांग उन फर्जी वकीलों को पकड़ने की थी, जो नकली डिग्री लेकर कोर्ट में वकालत कर रहे हैं। सोमवार को इस मामले पर चर्चा के दौरान वकील एन के गोस्वामी ने कहा कि ये लोग सिस्टम की बदनामी कर रहे हैं।


विवाद की शुरुआत

यह विवाद 15 मई को हुई एक सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत द्वारा की गई टिप्पणियों से उत्पन्न हुआ। उस दिन सुनवाई के दौरान, CJI ने कुछ बेरोजगार युवाओं की तुलना 'कॉकरोच' जैसे कीड़ों से की थी। उन्होंने कहा कि समाज में कुछ ऐसे लोग हैं जो सिस्टम पर हमला करते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ युवा कीड़ों की तरह होते हैं जिनका न तो कोई काम होता है और न ही किसी पेशे में उनका कोई ठिकाना होता है।


CJI सूर्यकांत का स्पष्टीकरण

जब इस टिप्पणी से विवाद बढ़ गया, तो CJI सूर्यकांत ने स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें दुख है कि मीडिया के कुछ लोगों ने उनकी बात का गलत अर्थ निकाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल उन लोगों की आलोचना की थी जिन्होंने नकली डिग्री लेकर वकालत का पेशा अपनाया है। CJI ने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय युवाओं पर गर्व है और वह कभी भी उनकी बुराई नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि युवा ही देश का भविष्य हैं और उनका मकसद केवल काम में ईमानदारी और सच्चाई बनाए रखना था।