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सोने और चांदी की कीमतों में इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते भारी उछाल

मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियानों के कारण सोने और चांदी की कीमतों में 3% से अधिक की वृद्धि हुई है। एमसीएक्स पर सोने की कीमत 1,67,915 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई, जबकि चांदी की कीमत 2,85,978 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। इस स्थिति का बाजार पर क्या प्रभाव पड़ेगा, जानने के लिए पढ़ें पूरा लेख।
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सोने और चांदी की कीमतों में इजरायल-ईरान संघर्ष के चलते भारी उछाल

कीमतों में वृद्धि का कारण

मुंबई- मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियानों के चलते सुरक्षित निवेश की मांग में वृद्धि हुई है, जिससे सोमवार को कीमती धातुओं की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला। इस दौरान, सोने और चांदी की कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई।


सोने और चांदी की कीमतें

एमसीएक्स पर अप्रैल वायदा सोने की कीमत दिन के कारोबार में 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 1,67,915 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसी तरह, मार्च वायदा चांदी भी 3 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 2,85,978 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जो दिन का उच्चतम स्तर था।


वर्तमान स्थिति

हालांकि, सुबह 10:46 बजे के आसपास, एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाला सोना 4,612 रुपए यानी 2.85 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,66,716 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, 5 मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 2.66 प्रतिशत यानी 7,311 रुपए की तेजी के साथ 2,82,309 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।


इजरायल के हमले का प्रभाव

तेहरान पर इजरायल द्वारा किए गए हमलों के जवाब में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए गए, जिससे क्षेत्र में अनिश्चितता बढ़ गई। रविवार को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। इस स्थिति ने बाजार को जोखिम से बचाव की मुद्रा में ला दिया है।


विश्लेषकों की राय

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी विश्लेषक मानव मोदी ने कहा, "अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच सोने ने पिछले सप्ताह की तेजी को आगे बढ़ाया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर अनिश्चितता ने भी वैश्विक आर्थिक जोखिम को बढ़ाया है।"


डॉलर और कच्चे तेल की कीमतें

डॉलर इंडेक्स 0.24 प्रतिशत बढ़कर 97.85 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी मुद्राओं में खरीद करने वाले निवेशकों के लिए डॉलर आधारित सोना महंगा हो गया। कच्चे तेल की कीमतों में भी 7 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई है, क्योंकि अमेरिका-ईरान युद्ध से क्षेत्रीय आपूर्ति में बाधा आने की आशंका है।


भविष्य की संभावनाएं

निवेशक अब प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले महत्वपूर्ण विनिर्माण पीएमआई आंकड़ों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। हाल की तेजी के बाद, जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि वर्ष 2026 के अंत तक सोने की कीमत 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकती है। वहीं, बैंक ऑफ अमेरिका ने इसे 6,000 डॉलर प्रति औंस तक जाने की संभावना जताई है।