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सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर

गुरुवार को कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी आई है, जिसका मुख्य कारण डॉलर में कमजोरी और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक अनिश्चितता है। सोने का वायदा भाव 1,59,500 रुपए प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया, जबकि चांदी का भाव भी बढ़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि सुरक्षित निवेश की मांग बढ़ने से इनकी कीमतों को समर्थन मिल रहा है। जानें और क्या है इस स्थिति का असर और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का क्या संबंध है।
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सोने और चांदी की कीमतों में तेजी, भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर

कीमतों में वृद्धि का कारण


डॉलर की कमजोरी और पश्चिम एशिया में चल रही भू-राजनीतिक अस्थिरता के चलते, कीमती धातुओं की कीमतों में गुरुवार को तेजी आई। निवेशक अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समाधान पर भी ध्यान दे रहे हैं।


सोने और चांदी के वायदा भाव

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर 5 अगस्त डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव 646 रुपए यानी 0.41 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,59,165 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था।


सोने की कीमत में और वृद्धि हुई, जो 981 रुपए या 0.61 प्रतिशत बढ़कर 1,59,500 रुपए प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसका दिन का न्यूनतम स्तर 1,58,701 रुपए रहा, जो पिछले बंद भाव से 182 रुपए या 0.11 प्रतिशत अधिक था।


चांदी की स्थिति

वहीं, 3 जुलाई डिलीवरी वाली चांदी का वायदा भाव 1,366 रुपए या 0.51 प्रतिशत बढ़कर 2,64,324 रुपए प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, बाद में चांदी में कुछ गिरावट आई और यह 667 रुपए या 0.25 प्रतिशत घटकर 2,62,291 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी।


विश्लेषकों की राय

विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग और भू-राजनीतिक अनिश्चितता के कारण कीमती धातुओं को समर्थन मिल रहा है। हालांकि, तेजी के संकेतों के लिए कीमतों को प्रमुख प्रतिरोध स्तरों के ऊपर टिकना होगा।


विशेषज्ञों के अनुसार, एमसीएक्स सोने के लिए रेजिस्टेंस लेवल लगभग 1,57,300 से 1,57,400 रुपए के बीच है, जबकि चांदी के लिए यह 2,66,000 से 2,67,000 रुपए प्रति किलोग्राम के आसपास है।


कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

हाल के सैन्य घटनाक्रमों ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा है। अमेरिकी सेना ने बताया कि ईरानी मिसाइल हमलों को रोक दिया गया या वे अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच सके।


इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 96.50 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल 94.76 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था।