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सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि, ट्रेड वॉर का असर

बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, जिससे निवेशकों में उत्साह बढ़ा है। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव के चलते सुरक्षित निवेश विकल्पों की मांग बढ़ी है। जानें इस वृद्धि के पीछे के कारण और भविष्य में कीमतों की संभावनाएं।
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सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि, ट्रेड वॉर का असर

सोने और चांदी की नई ऊंचाई

नई दिल्ली: बुधवार को सोने की कीमतों में 4 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि हुई, जिससे यह एक बार फिर से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। चांदी ने भी अपने पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए नया उच्चतम स्तर हासिल किया। अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव और डॉलर की कमजोरी के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जिसमें सोना और चांदी शामिल हैं।


बुधवार के कारोबारी सत्र में, एमसीएक्स पर फरवरी वायदा सोना 1,58,339 रुपए प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जबकि मार्च वायदा चांदी 3,35,000 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।


जब तक यह रिपोर्ट लिखी गई (सुबह लगभग 11:50 बजे), एमसीएक्स पर फरवरी डिलीवरी वाला सोना 7,363 रुपए यानी 4.89 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1,57,928 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी 10,499 रुपए यानी 3.24 प्रतिशत बढ़कर 3,34,171 रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई।


अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने ने नया रिकॉर्ड बनाया, जहां कॉमेक्स पर अमेरिकी सोने की कीमत 4,849 डॉलर प्रति ट्रॉय औंस तक पहुंच गई। चांदी की कीमतें 92.5 से 95.7 डॉलर के बीच बनी रहीं।


कीमतों में यह वृद्धि उस खबर के बाद आई, जिसमें बताया गया कि अमेरिका फरवरी से यूरोप के आठ देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है। इसके साथ ही, जून तक इन टैरिफ को 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की संभावना है। यूरोपीय देश भी अमेरिका के खिलाफ व्यापारिक कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं।


विशेषज्ञों का मानना है कि चांदी का भविष्य मध्यम और दीर्घकालिक में काफी मजबूत है। सप्लाई की कमी और उद्योगों में बढ़ती मांग के कारण 2026 तक चांदी की कीमत 110 से 120 डॉलर तक पहुंच सकती है।


एमसीएक्स पर चांदी के फ्यूचर्स में वर्तमान में 3,30,000 से 3,32,000 रुपए का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले महीनों में यह कीमत 3,35,000 से 3,50,000 रुपए प्रति किलो तक भी जा सकती है।


पृथ्वीफिनमार्ट कमोडिटी रिसर्च के विशेषज्ञ मनोज कुमार जैन ने कहा कि अमेरिका और यूरोप के बीच ट्रेड वॉर के बढ़ने और वैश्विक शेयर बाजारों में गिरावट से निवेशकों में घबराहट बढ़ी है। ऐसे में लोग जोखिम भरे निवेशों को छोड़कर सोने और चांदी जैसे सुरक्षित विकल्पों में निवेश कर रहे हैं।


उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिकी बॉंड यील्ड में वृद्धि, जापान के बॉंड बाजार में बिकवाली और रुपए की कमजोरी ने भी सोने और चांदी की कीमतों को समर्थन दिया है।


विशेषज्ञों के अनुसार, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में मजबूत मांग भी सोने और चांदी की कीमतों को ऊंचा बनाए रख रही है।


इसके अलावा, केंद्रीय बैंकों की खरीद, भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई से सुरक्षा और आसान मौद्रिक नीति की उम्मीदें भी सोने और चांदी को मजबूती प्रदान कर रही हैं।