सोशल मीडिया पर वायरल हुए दो विवादास्पद वीडियो: 2026 की शुरुआत में हंगामा
सोशल मीडिया का प्रभाव और विवाद
सोशल मीडिया ने आम लोगों को रातों-रात प्रसिद्धि दिलाने की क्षमता दिखाई है। कई व्यक्तियों ने डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करके अपनी पहचान बनाई है और धन अर्जित किया है। लेकिन हाल के महीनों में, सोशल मीडिया के नकारात्मक पहलू भी सामने आए हैं, जिसमें प्राइवेट और आपत्तिजनक वीडियो का वायरल होना शामिल है।
अभी 2026 के पहले 12 दिन ही हुए हैं, और दो वीडियो पहले ही इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन चुके हैं। यह ध्यान देने योग्य है कि ये दोनों वीडियो संभवतः भारत के बाहर के हैं।
उमैर का वायरल वीडियो
जनवरी के पहले सप्ताह में, एक पाकिस्तानी इन्फ्लुएंसर उमैर का वीडियो ऑनलाइन सामने आया। इस 7 मिनट और 11 सेकंड के क्लिप में वह एक महिला के साथ नजर आ रहे हैं, और यह वीडियो तेजी से सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करने लगा। इस पर लोगों की प्रतिक्रियाएं, बहसें और अटकलें शुरू हो गईं।
हालांकि, वीडियो की वास्तविकता के बारे में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अभी तक, यह साबित करने के लिए कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है कि यह क्लिप असली है या इसमें छेड़छाड़ की गई है।
फातिमा जटोई का विवादास्पद क्लिप
इसके बाद, एक और वीडियो वायरल हुआ जिसमें फातिमा जटोई नाम की महिला शामिल थीं। उनके 6 मिनट और 39 सेकंड के प्राइवेट वीडियो के लीक होने का दावा किया गया। यह क्लिप तेजी से फैल गई, जिससे एक नया विवाद उत्पन्न हुआ।
फातिमा जटोई ने बाद में इन दावों का खंडन किया और कहा कि यह वीडियो AI तकनीक का उपयोग करके बनाया गया था, और उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। उनके अनुसार, यह उनकी इज़्ज़त को नुकसान पहुंचाने की एक सोची-समझी साजिश है।
भारत में भी ऐसे मामले
यह समस्या केवल पाकिस्तान तक सीमित नहीं है। 2025 में, भारत में भी कई ऐसे मामले सामने आए जहां इन्फ्लुएंसर और प्रसिद्ध हस्तियों के प्राइवेट वीडियो लीक हुए या झूठे तरीके से फैलाए गए। इन मामलों में कुछ वीडियो असली पाए गए, जबकि कुछ AI द्वारा उत्पन्न या मॉर्फ्ड थे।
साइबर धोखेबाज़ों का खतरा
साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि धोखेबाज़ इस वायरल वीडियो ट्रेंड का फायदा उठा रहे हैं। 'फुल वीडियो' या 'एक्सक्लूसिव क्लिप्स' के नाम पर नकली लिंक सर्कुलेट किए जा रहे हैं, जो अक्सर फ़िशिंग वेबसाइट्स पर ले जाते हैं।
एक बार क्लिक करने पर, ये लिंक व्यक्तिगत डेटा, बैंकिंग जानकारी चुरा सकते हैं, या डिवाइस को मैलवेयर से संक्रमित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का सुझाव है कि उपयोगकर्ता किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें।
साइबर सुरक्षा की चेतावनी
साइबर सुरक्षा पेशेवरों के अनुसार, ऐसे लिंक डिजिटल सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। वे लोगों से सतर्क रहने और जिज्ञासा के जाल में न फंसने की अपील करते हैं। अनजान लिंक खोलने से वित्तीय नुकसान, डेटा चोरी और गंभीर गोपनीयता की समस्याएं हो सकती हैं।
