Newzfatafatlogo

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग से बढ़ा तनाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय तेल टैंकरों पर फायरिंग के बाद भारत और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है। भारत सरकार ने ईरान के राजदूत को तलब किया और सुरक्षित मार्ग की अपील की। ईरान ने पहले भी भारत के जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने का आश्वासन दिया था। इस घटना के बाद भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा, जिससे दोनों देशों के बीच स्थिति और गंभीर हो गई है।
 | 
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय जहाजों पर फायरिंग से बढ़ा तनाव

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलीबारी की घटना

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों पर फायरिंग के बाद भारतीय जहाजों को अपना मार्ग बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा। बिना किसी चेतावनी के आईआरजीसी की इस कार्रवाई ने भारत और ईरान के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। भारत सरकार ने नई दिल्ली में ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली को तलब किया और विदेश मंत्रालय ने ईरान से भारतीय जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग बहाल करने की अपील की। ईरानी राजदूत ने भारत की चिंताओं को तेहरान के अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।


ईरान का स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से बंद करने का निर्णय

लेबनान में 10 दिनों के युद्धविराम के बाद ईरान ने शुक्रवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोला था। लेकिन ट्रंप के एक बयान के बाद, जिसमें उन्होंने ईरान की नाकेबंदी जारी रखने की बात कही, तेहरान ने फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान किया। हालांकि, भारतीय जहाजों के नाम होर्मुज से गुजरने वाली सूची में शामिल थे।


भारत की चिंताएं और ईरानी राजदूत की प्रतिक्रिया

आईआरजीसी द्वारा फायरिंग के बावजूद, भारतीय जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। विदेश सचिव ने ईरानी राजदूत के सामने भारत की चिंताओं को दोहराया और बताया कि ईरान ने पहले भी भारत आने वाले कई जहाजों को सुरक्षित रास्ता देने में मदद की थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि विदेश सचिव ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हुई गोलीबारी की घटना पर गहरी चिंता व्यक्त की।


गोलीबारी की घटना पर विदेश मंत्रालय का बयान

विदेश मंत्रालय ने कहा, 'नई दिल्ली में ईरान के राजदूत को विदेश सचिव के साथ बैठक के लिए बुलाया गया। बैठक में विदेश सचिव ने गोलीबारी की घटना पर चिंता व्यक्त की, जिसमें भारत के झंडे वाले दो जहाज शामिल थे। उन्होंने व्यापारिक जहाजों और नाविकों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया।'


ईरान के प्रतिनिधि का बयान

भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भारतीय टैंकरों पर गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि ईरान और भारत के बीच संबंध मजबूत हैं और उन्होंने इस घटना के बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही। उन्होंने शांति की कामना की और कहा कि वे युद्ध नहीं चाहते।


भारतीय जहाजों को रास्ता बदलने की मजबूरी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले जहाज सनमार हेराल्ड और जग अर्नव पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में गोलीबारी की गई। इन जहाजों पर करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लदा था। गोलीबारी के कारण जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा। इस घटना के बाद भारत और ईरान के बीच तनाव बढ़ गया है।