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स्मार्टफोन की प्राइवेसी: गूगल को हर 4.5 मिनट में डेटा भेजने का खुलासा

हाल ही में एक अध्ययन में यह खुलासा हुआ है कि स्मार्टफोन हर 4.5 मिनट में गूगल को डेटा भेजते हैं, भले ही फोन लॉक हो। डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज द्वारा की गई इस रिसर्च ने स्मार्टफोन प्राइवेसी पर गंभीर सवाल उठाए हैं। हालांकि, कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके आप अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकते हैं। जानें कैसे आप अपने फोन की सेटिंग्स को बदलकर गूगल को भेजे जाने वाले डेटा की मात्रा को कम कर सकते हैं।
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स्मार्टफोन की प्राइवेसी: गूगल को हर 4.5 मिनट में डेटा भेजने का खुलासा

स्मार्टफोन और गूगल की ट्रैकिंग


नई दिल्ली। हाल ही में एक अध्ययन से पता चला है कि आपका स्मार्टफोन आपकी जानकारी के बिना गूगल को लगातार ट्रैक कर रहा है। डबलिन के ट्रिनिटी कॉलेज द्वारा की गई इस रिसर्च ने स्मार्टफोन की प्राइवेसी पर गंभीर सवाल उठाए हैं।


क्या है इस अध्ययन का निष्कर्ष?


इस अध्ययन में यह पाया गया कि एंड्रॉयड स्मार्टफोन बैकग्राउंड में सक्रिय रहते हैं और हर 4.5 मिनट में गूगल को डेटा भेजते हैं। यह डेटा तब भी भेजा जाता है जब आपका फोन लॉक होता है या जब आप उसे उपयोग नहीं कर रहे होते हैं। हालांकि, इसे पूरी तरह से रोकना मुश्किल है, लेकिन कुछ सेटिंग्स में बदलाव करके आप गूगल को भेजे जाने वाले डेटा की मात्रा को कम कर सकते हैं।


अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रखने के उपाय


टिप्सटर नव तूर द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, आप निम्नलिखित सेटिंग्स में बदलाव करके अपनी प्राइवेसी को सुरक्षित रख सकते हैं:




वाई-फाई और ब्लूटूथ स्कैनिंग


अधिकतर उपयोगकर्ता मानते हैं कि वाई-फाई बंद करने से वे सुरक्षित हैं, लेकिन फोन बैकग्राउंड में लोकेशन ट्रैक करने के लिए वाई-फाई और ब्लूटूथ नेटवर्क को स्कैन करता रहता है। इसके लिए आपको अपने फोन की लोकेशन सर्विस में जाकर वाई-फाई स्कैनिंग और ब्लूटूथ को बंद करना होगा।


Usage and Diagnostics को बंद करें


यह सेटिंग अधिकांश एंड्रॉयड में डिफॉल्ट रूप से ऑन रहती है, जो आपके फोन के क्रैश होने पर या एप के उपयोग और डिवाइस की परफॉर्मेंस का डेटा गूगल को भेजती है। इसे बंद करने के लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर गूगल की प्राइवेसी और सिक्योरिटी में जाएं। फिर Usage and Diagnostics पर जाकर इसे ऑफ कर दें।


Web and App Activity पर नियंत्रण


यह गूगल का सबसे बड़ा ट्रैकिंग सिस्टम है, जो आपकी गतिविधियों की निगरानी करता है। इसके लिए फोन की सेटिंग्स में जाकर अपनी प्रोफाइल पर टैप करें। फिर डेटा और प्राइवेसी में जाकर Web and App Activity को बंद कर दें।


Personalize Using Shared Data को बंद करें


गूगल के सभी एप्स जैसे जीमेल और कॉन्टैक्ट्स एक-दूसरे से आपका डेटा साझा करते हैं। इसके लिए सेटिंग्स में जाकर गूगल की सभी सेवाओं में टैप करें। फिर प्राइवेसी और सिक्योरिटी में जाकर Personalized Usage and Shared Data को बंद करें।


क्या इन उपायों से ट्रैकिंग पूरी तरह रुक जाएगी?


विशेषज्ञों का कहना है कि चूंकि एंड्रॉयड गूगल का ऑपरेटिंग सिस्टम है, इसलिए डेटा शेयरिंग को पूरी तरह से रोकना लगभग असंभव है। लेकिन इन सेटिंग्स को बंद करने से गूगल को मिलने वाले डेटा की मात्रा काफी कम हो जाती है। यह आपके फोन की बैटरी और प्राइवेसी दोनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।