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हजारीबाग में सड़क हादसे में एक परिवार के छह सदस्यों की मौत

झारखंड के हजारीबाग जिले में एक भयानक सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई। शिव कुमार भुइयां अपने परिवार के साथ शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे, जब उनकी कार एक ट्रेलर और ट्रक के बीच फंस गई। इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को समाप्त कर दिया, केवल उनका बेटा रंजीत ही जीवित बचा है। जानें इस हादसे के बारे में और कैसे स्थानीय लोगों ने शवों को निकालने में मदद की।
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हजारीबाग में सड़क हादसे में एक परिवार के छह सदस्यों की मौत

दर्दनाक सड़क दुर्घटना

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण में शनिवार को एक भयानक सड़क हादसे में एक ही परिवार के छह सदस्यों की जान चली गई। बीसीसीएल के गोविंदपुर क्षेत्र में कार्यरत शिव कुमार भुइयां अपने परिवार के साथ गयाजी के आमस में एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनकी कार एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो गई। यह हादसा इतना भयानक था कि कार पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गई, जिससे कार में सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला।


ट्रेलर और ट्रक की टक्कर

यह दुखद घटना चौपारण की दनुआ घाटी के जोड़राही पुल के निकट हुई। शिव कुमार की धनबाद नंबर प्लेट वाली कार अचानक एक ट्रेलर के पीछे जा घुसी। इससे पहले कि कार में सवार लोग कुछ समझ पाते, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने कार को जोरदार टक्कर मार दी। इस टक्कर के कारण कार के परखच्चे उड़ गए। घटना के बाद ट्रक और ट्रेलर के चालक मौके से फरार हो गए। पुलिस और एनएचएआई की बचाव टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।


शवों को निकालने में कठिनाई

हादसे का दृश्य इतना भयावह था कि कार में फंसे शवों को निकालने के लिए काफी मेहनत करनी पड़ी। स्थानीय लोगों की मदद से गैस कटर और अन्य उपकरणों का उपयोग कर शवों को बाहर निकाला गया। मृतकों में शिव कुमार भुइयां (45), उनकी पत्नी रूबी देवी (38), बड़ी बेटी सोनी (12), छोटी बेटी सुहानी (9), साले का बेटा प्रेम (7) और शिव कुमार के ससुर शामिल हैं। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि उन्हें देखकर किसी की भी आंखों में आंसू आ जाएं। इस क्षेत्र में पिछले चार दिनों में यह लगातार पांचवीं बड़ी दुर्घटना है।


परिवार में अकेला रह गया बेटा

इस भयानक हादसे ने पूरे परिवार को समाप्त कर दिया है, और अब केवल शिव कुमार का इकलौता बेटा रंजीत कुमार ही जीवित बचा है। जानकारी के अनुसार, शिव कुमार शनिवार दोपहर करीब 12 बजे परिवार के साथ गयाजी के लिए निकले थे, लेकिन रंजीत अपने घर पर ही रुक गया था। जब रात करीब आठ बजे इस हादसे की खबर बुदौरा कॉलोनी में पहुंची, तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। पड़ोसियों ने रंजीत को केवल दुर्घटना के बारे में बताया है, क्योंकि कोई भी उसे उसके परिवार के खोने की सच्चाई नहीं बताना चाहता।