हरपाल सिंह चीमा ने टैक्स चोरी के खिलाफ की सख्त कार्रवाई
लुधियाना में धोखाधड़ी का बड़ा खुलासा
लुधियाना में धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
चंडीगढ़ से वित्त, आबकारी और कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार ने टैक्स चोरी को समाप्त करने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। उन्होंने कहा कि टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (सिप्पू) ने एक महत्वपूर्ण सफलता की घोषणा की।
वित्त मंत्री ने बताया कि कर विभाग ने एक संगठित फर्जी बिलिंग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए लुधियाना की एपीआई प्लास्टिक रिसाइक्लर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक परमजीत सिंह को 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन के आरोप में गिरफ्तार किया है। उन पर 15.56 करोड़ रुपये का जीएसटी घोटाला करने का आरोप है।
टैक्स चोरी की योजनाबद्ध गतिविधियाँ
वित्त मंत्री ने बताया कि आरोपी फर्म ने योजनाबद्ध तरीके से टैक्स चोरी की। उन्होंने बिना वास्तविक माल प्राप्त किए, कई राज्यों में गैर-मौजूद फर्मों द्वारा जारी फर्जी चालानों के आधार पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठाया।
आबकारी एवं कर मंत्री ने यह भी बताया कि कई सप्लायर फर्मों को पहले ही जीएसटी अधिकारियों द्वारा रद्द या निलंबित किया जा चुका था। अब तक की धोखाधड़ी की कुल राशि 15.56 करोड़ रुपये है, और यह आंकड़ा बढ़ सकता है क्योंकि जांच अभी जारी है।
विभाग की सफलता का रहस्य
आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा ई-वे बिलों और फास्टैग टोल डेटा का विस्तृत विश्लेषण किया गया, जिसने यह साबित किया कि ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों में दर्शाए गए वाहन माल की वास्तविक आवाजाही से मेल नहीं खा रहे थे।
जांच में 407 संदिग्ध वाहनों का खुलासा हुआ है, जिनमें 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी आईटीसी शामिल है।
