हरियाणा की माताओं के लिए लाडो लक्ष्मी योजना का विस्तार
मुख्यमंत्री ने दी योजना के विस्तार की मंजूरी
चंडीगढ़, 09 अप्रैल। चंडीगढ़ में हुई कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री नायब सैनी ने हरियाणा की महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए 'दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना' के विस्तार को स्वीकृति दी है। अब इस योजना का लाभ उन परिवारों की महिलाओं को भी मिलेगा जिनकी वार्षिक आय 1 लाख 80 हजार रुपये तक है। पहले यह लाभ केवल 1.40 लाख रुपये तक की आय वाले परिवारों के लिए था। मुख्यमंत्री ने पिछले महीने विधानसभा में बजट पेश करते समय इस आय सीमा को बढ़ाने का आश्वासन दिया था, जिसे अब लागू किया गया है।
महिलाओं के बैंक खातों में आएंगे 2,100 रुपये
महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता
लाडो लक्ष्मी योजना के तहत सरकार महिलाओं के बैंक खातों में कुल 2,100 रुपये भेजती है। इसमें से 1,100 रुपये महिला के बचत खाते में जमा किए जाते हैं, जिन्हें वह अपनी आवश्यकताओं के लिए कभी भी निकाल सकती हैं। शेष 1,000 रुपये महिला के नाम से एक सावधि बैंक खाते में जमा किए जाते हैं, जो 5 वर्षों के लिए संचालित होता है। यह योजना महिलाओं को भविष्य के लिए एक बड़ी राशि जोड़ने में मदद करेगी।
शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए माताओं को मिलेगा लाभ
होनहार बच्चों की माताओं को भी मिलेगा लाभ
हरियाणा सरकार ने इस योजना को शिक्षा से भी जोड़ा है। जिन परिवारों की आय 1.80 लाख रुपये तक है और उनके बच्चों ने 10वीं या 12वीं की परीक्षा में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए हैं, उन बच्चों की माताओं को भी लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ दिया जाएगा। इससे महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और बच्चों की शिक्षा के प्रति माताओं का प्रोत्साहन बढ़ेगा। यह योजना प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से पारदर्शिता के साथ लाभार्थियों तक पहुँच रही है।
हरियाणा दिवस से शुरू हुआ सहायता का कार्यक्रम
हरियाणा दिवस पर मिली पहली किस्त
दीन दयाल लाडो लक्ष्मी योजना की शुरुआत पिछले साल 25 सितंबर को हुई थी। इसके बाद 1 नवंबर को हरियाणा दिवस के अवसर पर पहली बार पात्र महिलाओं के खातों में 2,100 रुपये की किस्त भेजी गई थी। तब से सरकार ने इस योजना के नियमों को सरल बनाया है ताकि अधिक से अधिक गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार इसका लाभ उठा सकें। नए आय मानदंड लागू होने से अब प्रदेश के हजारों नए परिवारों को राहत मिलेगी जो पहले मामूली आय अंतर के कारण इस लाभ से वंचित रह गए थे।
