हरियाणा के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने का आरोप लगाया
मुख्यमंत्री का कांग्रेस पर तीखा हमला
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने विधानसभा में कांग्रेस द्वारा पेश किए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक जनता को गुमराह करने के लिए 'झूठ की दुकान' खोली और भर्ती प्रक्रिया में बाधा डालने के लिए 'भर्ती रोको गैंग' का गठन किया।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का दावा
मुख्यमंत्री ने सदन में बताया कि उनकी सरकार ने पारदर्शिता और मेरिट के आधार पर युवाओं को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में भ्रष्टाचार की स्थिति थी और 'रेवड़ी कल्चर' को बढ़ावा दिया गया। विपक्ष की निराशा और हताशा के कारण वे अनर्गल आरोप लगा रहे हैं।
भर्ती रद्द होने की वास्तविकता
सैनी ने कहा कि विपक्ष ने तीन परीक्षाओं के रद्द होने और 8,653 पदों के विज्ञापन वापस लेने का आरोप लगाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा सीईटी परीक्षा के कारण लिया गया था।
भर्ती में कांग्रेस की विफलता
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के कार्यकाल में की गई भर्तियों का विवरण देते हुए कहा कि कांग्रेस ने 10 साल में केवल 3,593 भर्तियां कीं, जबकि उनकी सरकार ने पिछले 11 वर्षों में 11,017 युवाओं की भर्ती की।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार
उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता को सुनिश्चित किया है और हरियाणा के युवाओं में विश्वास बहाल किया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई गड़बड़ी की आशंका होती है, तो परीक्षा रद्द कर दी जाती है।
विपक्ष की आलोचना
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में नौकरियों में बंदरबांट होती थी। उन्होंने कहा कि अब हरियाणा में योग्य युवाओं को अवसर मिल रहे हैं।
भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता का आश्वासन
सैनी ने कहा कि उनकी सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से पारदर्शी बनाया है और हरियाणा के युवाओं के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सदस्यों को अपने कार्यकाल में हुई गड़बड़ियों को याद रखना चाहिए।
