हरियाणा के युवाओं के लिए कृषि नवाचार में नई पहल
महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय की नई रणनीति
रोहतक, 22 मई: हरियाणा के ग्रामीण युवाओं को खेती और नई तकनीकों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) ने एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। जलवायु परिवर्तन और रोजगार की चुनौतियों के बीच, कृषि आधारित स्टार्टअप्स ग्रामीण युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बन सकते हैं। इसी दिशा में, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय कृषि नवाचार और तकनीकी स्टार्टअप्स के लिए एक ठोस योजना तैयार कर रहा है। इसके लिए, विश्वविद्यालय ने भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से एक संयुक्त कार्यक्रम की रूपरेखा बनाई है।
कुलपति की उच्च स्तरीय बैठक
कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया और डॉ. रबी नारायण साहू के बीच बैठक: इस परियोजना को लागू करने के लिए, एमडीयू के कुलपति प्रो. मिलाप पूनिया ने नई दिल्ली में आईसीएआर के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. रबी नारायण साहू के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। चंडीगढ़ से मिली जानकारी के अनुसार, इस बैठक में कृषि क्षेत्र में नए स्टार्टअप्स, नवोन्मेषी विचारों और ग्रामीण युवाओं के लिए उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। प्रो. पूनिया ने कहा कि भविष्य में पर्यावरण अनुकूल तकनीकों और उद्यमिता का महत्व बढ़ेगा, इसलिए हरियाणा के युवाओं को पारंपरिक नौकरियों पर निर्भर रहने के बजाय व्यवसायी बनाना आवश्यक है।
एग्री-टेक में जागरूकता और प्रशिक्षण
कुलपति का विशेष आग्रह: कुलपति ने डॉ. साहू से अनुरोध किया कि वे आईएआरआई और आईसीएआर की तकनीकी टीम के साथ मिलकर एमडीयू में युवाओं के लिए जागरूकता और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें। इससे रोहतक, झज्जर, सोनीपत और भिवानी के ग्रामीण छात्रों को लाभ होगा, जो कृषि में नए अवसरों की खोज कर सकेंगे। डॉ. साहू ने आश्वासन दिया कि उनका संस्थान हरित क्रांति और कृषि विकास में अग्रणी रहा है, और वे हरियाणा के युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी सहयोग देने के लिए तैयार हैं।
विशेषज्ञों की उपस्थिति
बैठक में शामिल विशेषज्ञ: इस महत्वपूर्ण बैठक में कई प्रमुख तकनीकी और कृषि विशेषज्ञ भी शामिल हुए। बैठक में सेंटर फॉर एग्रीकल्चरल बायोइनफॉर्मेटिक्स के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. सुनील कुमार और एमडीयू के बायोइनफॉर्मेटिक्स विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजित कुमार ने कृषि में डेटा विज्ञान और तकनीक के उपयोग पर अपने विचार साझा किए। इसके अलावा, आईआईटी के वैज्ञानिक और एमडीयू के जनसंपर्क निदेशक सुनित मुखर्जी भी इस चर्चा का हिस्सा रहे। इस संयुक्त पहल से हरियाणा में नए एग्री-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को आधुनिक खेती के तरीकों को सीखने में मदद मिलेगी।
