हरियाणा के सूरजमुखी किसानों के लिए MSP में सुधार, राहत की खबर
हरियाणा में सूरजमुखी की खरीद में बदलाव
चंडीगढ़. हरियाणा के सूरजमुखी उत्पादकों के लिए चंडीगढ़ से एक सकारात्मक सूचना आई है। राज्य सहकारी आपूर्ति एवं विपणन संघ (HAFED) ने सूरजमुखी की सरकारी खरीद मूल्य में महत्वपूर्ण संशोधन किया है। हैफेड ने स्वीकार किया है कि तकनीकी और लिपिकीय त्रुटियों के कारण पहले सूरजमुखी का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) गलत तरीके से ₹6,540 प्रति क्विंटल दर्शाया गया था। अब इसे सुधारते हुए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ₹7,721 प्रति क्विंटल के वास्तविक मूल्य पर खरीदने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब प्रदेश के किसान हालिया ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसलों के भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और हैफेड की सफाई
राजनीतिक घेराबंदी और हैफेड की ‘लिपिकीय’ सफाई
यह मामला तब चर्चा में आया जब पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को कम दाम देकर धोखाधड़ी कर रही है। विपक्ष के कड़े रुख और मामले के बढ़ने के बाद हैफेड ने जल्दी से सफाई दी। एजेंसी ने कहा कि 19 मार्च को जारी निर्देशों में टाइपिंग की गलती के कारण पुराना मूल्य दर्ज हो गया था। इस त्रुटि को ध्यान में रखते हुए 29 मार्च को संशोधित परिपत्र जारी किया गया था। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में हर एक दाने की खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाएगी और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
किसानों पर बढ़ी दर का प्रभाव
किसानों के लिए बढ़ी दर का क्या होगा असर?
सूरजमुखी की खेती मुख्य रूप से कुरुक्षेत्र, अंबाला और शाहबाद क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर की जाती है। ₹1,181 प्रति क्विंटल के इस बड़े अंतर के सुधार से किसानों को प्रति एकड़ हजारों रुपये का सीधा लाभ होगा। उल्लेखनीय है कि हैफेड हरियाणा में सूरजमुखी की खरीद के लिए अधिकृत नोडल एजेंसी है। पिछले कुछ वर्षों में सूरजमुखी के भाव को लेकर शाहबाद में बड़े किसान आंदोलन भी देखे गए हैं, जिसे देखते हुए सरकार अब किसी भी प्रकार के विवाद से बच रही है। विभाग ने सभी जिला प्रबंधकों को आदेश दिए हैं कि वे मंडियों में संशोधित दरों के पोस्टर लगवाएं ताकि किसानों को सही मूल्य की जानकारी मिल सके और बिचौलिए उनका फायदा न उठा सकें।
