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हरियाणा में गर्मी का कहर: तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है

हरियाणा में सूर्य देव की तीव्रता ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। अप्रैल में ही गर्मी ने जून जैसी स्थिति पैदा कर दी है, जिससे स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। मौसम विभाग ने 24 अप्रैल तक 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसमें तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। स्वास्थ्य विभाग ने दोपहर 12 से 4 बजे तक घर में रहने की सलाह दी है। जानें इस गर्मी से बचने के उपाय और मौसम में संभावित बदलाव के बारे में।
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हरियाणा में गर्मी का कहर: तापमान 45 डिग्री तक पहुंच सकता है

गर्मी से जनजीवन प्रभावित

अंबाला, 22 अप्रैल। हरियाणा में सूर्य की तीव्रता ने लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। अप्रैल में ही जून जैसी गर्मी का अनुभव हो रहा है, जहां तेज गर्म हवाओं और कड़ी धूप ने सड़कों पर सन्नाटा छा दिया है। अंबाला, रोहतक, हिसार और गुरुग्राम जैसे कई जिलों में दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो गई हैं। मौसम विभाग ने 24 अप्रैल तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गर्मी के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। इस दौरान तापमान 45 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।


दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह

दोपहर 12 से 4 बजे तक घर में रहने की सलाह


बढ़ते तापमान और लू के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप सबसे खतरनाक होती है, इसलिए इस समय घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए। बाहर निकलते समय सिर को दुपट्टे या टोपी से ढकना और हल्के रंग के कपड़े पहनना आवश्यक है। शरीर में पानी की कमी न होने दें; इसके लिए नींबू पानी, छाछ और पर्याप्त पानी का सेवन करते रहें। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है।


जल्द ही मौसम में बदलाव की उम्मीद

26 अप्रैल के बाद बदलेगा मौसम का मिजाज


मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, अगले पांच दिनों तक प्रदेश का मौसम पूरी तरह से गर्म और खुश्क रहेगा। आज से हवाओं का रुख बदलने के कारण रात के तापमान में भी भारी वृद्धि देखने को मिलेगी। 25 अप्रैल तक गर्मी अपने चरम पर होगी, जिससे जनजीवन को दिन और रात दोनों समय राहत नहीं मिलेगी। हालांकि, 26 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे बादलों की आवाजाही शुरू होगी और तापमान में गिरावट आ सकती है।


सड़कों पर सन्नाटा और सावधानी बरतने की आवश्यकता

सड़कों पर सन्नाटा और दुपट्टे का सहारा


गर्मी का प्रभाव इतना व्यापक है कि कामकाजी महिलाएं और छात्र सड़कों पर दुपट्टे और चश्मों का सहारा ले रहे हैं। खाली पेट घर से बाहर निकलने पर कमजोरी और चक्कर आने की शिकायतें बढ़ रही हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि कार्यों पर भी इस भीषण गर्मी का असर पड़ रहा है। जब तक नया मौसमी तंत्र सक्रिय नहीं होता, तब तक प्रदेशवासियों को इसी तपिश और उमस के बीच सावधानी से दिन बिताने होंगे।